स्वार। मैदानी व पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के चलते उत्तराखंड के रामनगर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। शुक्रवार की रात्रि को कोसी नदी में उत्तराखंड के रामनगर बैराज से 6413 क्यूसेक पानी छोड़े जाने एवं लगातार हो रही बारिश से नदी का जल स्तर फिर बढ़ गया और नदी फिर उफान पर आ गई ।पानी से किसानों की फसलें जलमग्न हो गई ।ग्रामीणों को पशुओं का चारा लाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा ।राजस्व टीम ने कोसी नदी के बांध पर पहुंच कर जल स्तर का जायजा लिया और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को सचेत रहने के निर्देश दिए ।
दो दिन से मैदानी व पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हो रही है ।जिससे नदियों का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो गया है ।शुक्रवार की रात्रि रामनगर बैराज से कोसी नदी में 6413 क्यूसेक पानी छोड़ा गया ।जिसका असर कोसी नदी पर दिखने लगा है ।बारिश से कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है । वैसे कोसी नदी के खतरे का निशान 197.83 मीटर है।लेकिन अभी तक नदी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है ।अनुमान है कि ऐसे ही लगातार मैदानी व पहाड़ी इलाकों में बारिश होती रही और रामनगर बैराज से पानी छोड़ा गया तो नदी कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकती है और बांध को भारी नुकसान हो सकता है ।क्योंकि बांध जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है और उसमें बड़ी बड़ी दरारे पड़ चुकी है।पसियापुरा गांव में चारो ओर से पानी पहुंच गया जिसके बाद से यहां के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।कोसी नदी से सटे गांव फाजलपुर,बन्दरपुर, धनोरी,मधुपुरी,धनपुर ,शाहदरा,सोनकपुर, रसूलपुर फरीदपुर,आदि गांव के ग्रामीणों को अपने खेतों व पशुओं का चारा लाने के लिए जान जोखिम में डाल कर उफनाई कोसी के पार जाना पड़ रहा है।कोसी नदी के अलावा पीलाखार नदी में भी हलचल बड़ी है ।इस वक्त पीलाखार नदी भी जलस्तर बढ़ने से उफान पर है ।तहसीलदार कृष्ण गोपाल मिश्रा ने बताया कि रामनगर बैराज से कोसी नदी में शुक्रवार की रात्रि 6413 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था ।जिसके बाद सभी बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को सचेत रहने के निर्देश जारी किए गए है ।हालांकि कोसी नदी में आए पानी से अभी तक बाढ़ का कोई खतरा नही है ।प्रशासन बाढ़ को लेकर एकदम सजग है।