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किसानों को दिया जाए अपना पक्ष रखने का मौका

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किसानों को मिले पक्ष रखने का मौका
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किसान सभा ने डीएफओ कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
फलदार पेड़ों को काटना बंद करे वन विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। हिमाचल किसान सभा ने शुक्रवार को किसानों के कब्जेवाली जमीन से बेदखली को रोकने के लिए वन मंडल अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन में वन विभाग के दोहरी नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इससे पहले सरवरी से लेकर डीएफओ कार्यालय तक रैली भी निकाली गई। जिसमें काफी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि शिमला के रोहडू में 13 बागवान ऐसे हैं जिनके पास 200 बीघा तक अवैध कब्जा है लेकिन इन पर वन विभाग खामोश है। सिर्फ गरीब लोगों के ही पेड़ काटे जा रहे हैं। अच्छी पहुंच वाले लोगों के खिलाफ वन विभाग का कार्रवाई न करना दोहरी नीति हैं। सेब के पेड़ काटे जा रहे हैं। जबकि सेब हिमाचल में पर्यटन का आधार है।
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वहीं किसान सभा जिला कमेटी महासचिव नारायण सिंह चौहान ने कहा कि वर्ष 2000 में भूमि राजस्व विधेयक में संशोधन के तहत प्रदेश सरकार ने किसानों से जमीन को नियमित करने के लिए शपथ पत्र लिए थे। जिसमें 20 बीघा तक कब्जेवाली जमीन को नि:शुल्क नियमित करने को कहा गया था लेकिन बाद में शपथ पत्र दायर करने वाले किसानों पर केस दायर किए गए। जिसका अभी तक फैसला नहीं आया है। किसानों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए। कब्जेवाली जमीन की राजस्व विभाग द्वारा सही तरीके से निशानदेही की जाए। किसानों के फलदार पेड़ों को काटना बंद किया जाए। वहीं किसानों को पांच बीघा भूमि तक राहत दी जाए। इस दौरान किसान सभा सह सचिव जय सिंह, होतम सिंह सौंखला, सरचंद, राजेश ठाकुर और सुनील ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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