अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला के बागवानों ने बारिश और बर्फबारी के बाद अपने सेब बगीचों में काट-छांट का कार्य तेज कर दिया है। फ्लावरिंग सीजन से पहले बागवान इस कार्य को निपटाना चाहते हैं। बागवानी विशेषज्ञों के मुताबिक आजकल शीतोष्ण फलों के सभी प्रकार के पौधों की काट-छांट करने व पौधों को उचित आकार देने तथा उनकी सिधाई के कार्य करने के लिए उचित समय है। ऐसे में बागवान काट-छांट के बाद हुए सभी बड़े घावों पर चौबटिया पेस्ट का लेप अवश्य लगाएं। इससे सेब पौधों में कैंकर रोग आदि बीमारियों के पनपने की उम्मीदें समाप्त हो जाएंगी।
कई बार फलदार पौधों के जख्मों के बड़े घावों पर कैंकर आदि बीमारी फैल जाती है। इससे पौधा सूख जाता है। बागवान राम सिंह, संजय शर्मा, गोविंद सिंह, रोहित, दलीप, राहुल नेगी, चमन ठाकुर, हेमराज ठाकुर, नूप राम, तिलकराज ठाकुर ने कहा कि बगीचों में नमी काफी अधिक हो गई है। ऐसे में सेब के नए पौधे लगाने का कार्य भी जोरों पर हैं। उन्होंने कहा कि बर्फबारी से सेब पौधे में बीमारी लगने की संभावनाएं तो वैसे ही कम हो गई हैं। लेकिन सावधानी के तौर पर बागवान चौबाटिया पेस्ट लगा रहे हैं। बागवानी विभाग के विषय विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि शीतोष्ण फलों के सभी प्रकार के पौधों की काट-छांट करने व पौधों को उचित आकार देने तथा उनकी सिधाई के कार्य करने के लिए उचित समय है। ऐसे में बागवान काट-छांट के बाद हुए सभी बड़े घावों पर चौबटिया पेस्ट का लेप अवश्य लगाएं। कहा कि बागवान किसी प्रकार की जानकारी के लिए बागवान विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।