शक्तियां अर्जित करने स्वर्ग प्रवास पर जाएंगे देवता
लाहौल के मंदिरों के कपाट तीन माह तक रहेंगे बंद
अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी के देवी-देवता 15 जनवरी से दो से तीन माह तक के लिए शक्ति अर्जित करने स्वर्ग प्रवास पर जाएंगे। सोमवार सुबह पौ फटते ही यहां के मंदिरों में पूजा-अर्चना के बीच शंख की आवाज से घाटी गुंजायमान होगी। इसके बाद अप्रैल महीने तक घाटी के लोग अपने घरों की छतों से ही देवी-देवताओं की पूजा करेंगे।
इसके साथ घाटी के मंदिरों में देव कारज पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा। जबकि घाटी के अधिष्ठाता त्रिलोकीनाथ और मां मृकुला देवी मंदिर में पूजा पाठ का दौर इस दौरान जारी रहेगा लेकिन घाटी के अन्य देवालयों में पूजा पाठ पर विराम लगेगा। देवी हिडिंबा के गूर रणवीर ने बताया कि हालडा और फागली उत्सव में लोग अपने घरों की छतों से ही देवी-देवताओं की पूजा करेंगे। मूलिंग स्थित महादेव का मंदिर का कपाट भी 15 जनवरी से पूजा के बाद बंद हो जाएगा।