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कोकसर और मढ़ी में बचाव चौकी ने कामकाम संभाला

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रोहतांग दर्रा - फोटो : amarujala
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कोकसर (लाहौल-स्पीति)। मढ़ी और कोकसर बचाव चौकियों ने कार्य करना शुरू कर दिया है। रोहतांग से गुजरने वाले वाहनों का पंजीकरण किया जा रहा है। बिना पंजीकरण वाहनों को आगे नहीं भेजा जा रहा है। आपातकाल में पंजीकरण के माध्यम से बचाव और राहत कार्य में सहायता मिलेगी। बुधवार से रोहतांग दर्रा आधिकारिक तौर पर बंद हो गया है। 31 दिसंबर तक दोनों चौकियां स्थापित रहेंगी।
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रोहतांग दर्रा बंद होने के बाद पैदल दर्रा पार करने वाले यात्रियों की सहूलियत के लिए कोकसर और मढ़ी में यह चौकियां स्थापित की गई हैं। साल में दो बार कोकसर और मढ़ी में बचाव चौकियां स्थापित की जाती है। लाहौल प्रशासन और अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के तत्वाधान में मार्च से मई और नवंबर से दिसंबर महीने में दोनों छोर पर बचाव दल जनजातीय लोगों को पैदल सुरक्षित आर पार करने के लिए स्थापित की जाती है। 15 नवंबर को बीआरओ द्वारा आधिकारिक तौर पर रोहतांग दर्रा बंद घोषणा के बाद और रोहतांग दर्रा से बर्फ नहीं हटाने के फरमान से आम जनता के लिए इन चौकियों का महत्व और भी बढ़ गया है। हालांकि बीते 10 अक्तूबर को रोहतांग सुरंग के दोनों छोर मिल चुके हैं, लेकिन आम जनता के आवाजाही पर अभी प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसे में बर्फबारी के बाद पैदल ही रोहतांग दर्रा आर-पार करना होगा।
इधर, कोकसर में तैनात बचाव दल के प्रभारी पवन तथा मढ़ी के प्रभारी शशि ने बताया कि बुधवार से दोनों छोर पर दल ने कार्य आरंभ कर दिया है। बर्फबारी तथा पैदल दर्रा पार करते समय यात्रियों को दोनों चौकियों में अपना नाम दर्ज करने को कहा है। साफ मौसम पर ही लांघे रोहतांग दर्रा चौकियों की तरफ से मौसम के मिजाज को ही देखकर दर्रा लांघने की नसीहत दी है। खराब मौसम के दौरान रोहतांग दर्रा लांघना जान खतरे में डालना हो सकता है। एकाएक भारी बर्फबारी से बर्फ के बीच फंस सकते हैं। साफ मौसम के बीच ही आवाजाही करने की सलाह दी गई है।
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