खराहल (कुल्लू)। जिला कुल्लू में नाशपाती और टमाटर का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन घाटी की विभिन्न मंडियों में किसानों और बागवानों से मापतोल पर धोखा हो रहा है। मंडियों में एक क्रेट पर तीन किलो का वजन काट कर बागवानों और किसानों को भारी चपत लगाई जा रही है। ऐसे में बागवानों और किसानों को आर्थिक तौर पर नुकसान झेलना पड़ रहा है। अधिकतर आढ़ती सरकारी नियमों की धज्जियां सरेआम उड़ा रहे हैं। सरकारी नियम के अनुसार एक क्रेट पर दो किलो से ज्यादा वनज नहीं काट सकते हैं। बावजूद इसके आढ़ती तीन किलो वजन काट कर किसानों और बागवानों से धोखा कर रहे हैं। बागवानों का कहना है कि मार्केटिंग कमेटी के अधिकारी और कर्मचारी भी इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि इसके बारे में कई बार संबंधित विभाग को अवगत भी करवाया है, बावजूद इसके इस पर अंकुश नहीं लग रहा है। हालांकि, कुछ आढ़ती नियम के तहत दो किलोग्राम भार काट रहे हैं। बागवान अमित, चमन, राजेंद्र, कर्मचंद, रोशन, राम नाथ, सुरेश, चंदेराम, लाल चंद ,कमल, नितिन, संजीव आदि का कहना है कि अधिकतर आढ़ती मनमर्जी से तीन किलो वजन काट रहे हैं। इस कारण बागवानों और किसानों को आर्थिक तौर पर नुकसान हो रहा है। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड से मांग की है कि नियम के तहत दो किलो क्रेट का वजन काटने का आदेश जारी किया जाए। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान गोवर्धन ठाकुर ने कहा कि सभी आढ़ती दो किलोभार को प्रति क्रेट काट रहे हैं।
लाइसेंस हो सकता है रद्द
एपीएमसी कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति के चेयरमैन यूपेंद्र कांत मिश्रा का कहना है कि कोई भी आढ़ती नियम के मुताबिक दो किलोग्राम से ज्यादा वजन नहीं काट सकते हैं। अगर कोई इससे अधिक भार काटता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई साथ-साथ उसका लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।