देहुरी मेले में चोला कलगी में नाटी डालते कलाकार। संवाद
कुल्लू। तीन दिवसीय देहुरी का 20 आषाढ़ मेले का सोमवार को समापन हो गया है। मेले के आखिरी दिन देवता खुडीजल की सौह में जलोड़ी डीम से आए देवता लोमश ऋषि के देवलुओं ने चोला कलगी में पारंपरिक नाटी डाली। नाटी की शुरुआत चोला कलगी में आए कलाकारों ने की तो उनके पीछे बड़ी संख्या में लोग झूमे।
इस दौरान देवताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर देव नृत्य भी किया। सुबह के समय हुई बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में लोग मेला देखना पहुंचे थे। कारदार शेर सिंह, पूर्ण शर्मा, शिव राम शर्मा, देवलू देवेंद्र सिंह और टेक सिंह ने कहा कि देवता लोमश ऋषि के आने से मेला यादगार रहा है। कहा कि मेले में देवता के साथ कलाकारों की नाटी को देखने के लिए बड़ी संख्या में कुल्लू-मंडी जिले के लोग पहुंचे थे। वहीं देवता देवालय लौट गए और तीन दिवसीय मेले का समापन हो गया है। संवाद