अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। मौसम खुलते ही बागवानों ने बगीचों का रखरखाव शुरू कर दिया है। इन दिनों बागवान बगीचों में गुठलीदार फलों और नाशपाती के पौधों में बोर्डो मिक्चर दवा का छिड़काव करने में जुटे हैं। बागवानों का कहना है कि छिड़काव का उपयुक्त समय है। बागवान पौधों की बीमारियों से निजात पाने के लिए स्प्रे कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्डो मिक्चर का छिड़काव करने से कैंकर और फफूंद जैसी कई बीमारियों से निजात मिल जाती है और गुठलीदार फलों व नाशपाती के पौधों में रस चढ़ने से पहले यह छिड़काव करना चाहिए। रस चढ़ने या स्पर के फटने पर इसका नकारात्मक प्रभाव हो सकता है। बागवानों को इसके पूर्व ही अपने बगीचों में छिड़काव करने का कार्य पूरा करना अति आवश्यक है। अमूमन गुठलीदार और नाखों के पौधों में फरवरी के अंतिम सप्ताह में रस चढ़ना आरंभ हो जाता है। लेकिन बागवान को स्थिति पर पूरी नजर रखनी चाहिए। इसके बाद ही छिड़काव करें। घाटी के बागवान अमित, केहर सिंह, अमन, अशोक, ज्ञान ठाकुर, रितेश, नवीन ठाकुर, चुनी लाल, मोहर सिंह और चमन ठाकुर का कहना है कि इन दिनों वे अपने बगीचों में बोर्डो मिक्चर की स्प्रे करने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि छिड़काव के संबंध में बागवानी विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं।
छिड़काव का उचित समय : लाल चंद
सदर फल एवं सब्जी उत्पादक मंडल के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर बताते हैं कि जिन क्षेत्रों में प्लम, खुमानी और बादाम तथा नाशपाती की प्रूनिंग बागवानों ने समाप्त कर दी है, उनमें बागवान बोर्डो मिक्चर की स्प्रे करने में जुटेे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस समय छिड़काव करने का उचित समय है।
विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी
बागवानी विभाग के विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि बोर्डो मिक्चर का छिड़काव रस चढ़ने से पहले करें। ऐसा नहीं करने से पौधों पर इसका नकारात्मक असर हो सकता है। इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह जरूर लेनी चाहिए।