खस्ताहाल सड़कों में फंसा करोड़ों का सेब
समय पर मंडियों में पहुंचाने में दिक्कत, मूसलाधार बारिश से एक दर्जन सड़कें प्रभावित
लेबर से मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा सेब
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। कुल्लू घाटी में सेब सीजन ने जोर पकड़ लिया है। लेकिन अगस्त माह से घाटी में हो रही भारी बारिश से सेब सीजन प्रभावित होने लगा है। मूसलाधार बारिश से कई सड़कों पर आवाजाही बंद चल रही है। इस तरह करीब एक दर्जन सड़कें भूस्खलन, मलबा आने तथा डंगों के धंसने से प्रभावित हो गई हैं। ऐेसे में करोड़ों का सेब फंस हुआ है। सेब को समय पर मंडी पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
क्षेत्र की सड़कें बागवानों की मुश्किलों को बढ़ा रही हैं। बागवान सेब को लेबर से मुख्य सड़क तक पहुंचाने को विवश हैं। दलदल में तब्दील सड़कों से बागवानों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है। बागवान जहां गाड़ी में एक सेब पेटी पर बतौर भाड़ा आठ से दस रुपये खर्च करता है, वहीं अब उसे लेबर को 50 से 60 रुपये प्रति सेब पेटी भाड़ा देना पड़ रहा है। इतना ही नहीं तीन दिन बाद मंडी में लगने वाली सेब गाड़ी अब एक सप्ताह बाद पहुंच रही है। इससे बागवानों को उनके उत्पाद का सही रेट भी नहीं मिल रहा है। बागवानों के लिए परेशानी का सबब बनी कुल्लू की एक दर्जन सड़कों को बहाल करने में प्रशासन व लोक निर्माण विभाग भी चुस्त नहीं दिख रहा है। जिला के नगलाड़ी-शरची, राणाबाग-करशाला मार्ग बंद हैं, जबकि मलाणा, राणाबाग-कांडीबाग, बंजार-गाड़ागुशैणी तथा कोठी आदि सड़कें दलदल में तब्दील होने से सेब को निकालना जोखिम भरा हो गया है। प्रगतिशील बागवान रमेश चंद, ओम प्रकाश, तेज राम, लीला प्रसाद, कोमल ठाकुर, राजेश कुमार, बेली राम, नेत्र सिंह, डोला राम, जगदीश ठाकुर, हंस राज ने कहा कि मूसलाधार बारिश से सड़कों की हालत को बदलकर रख दिया है। बागवानों ने प्रशासन व लोनिवि से भूस्खलन से प्रभावित सड़कों को जल्द खोलने की मांग की है। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि बरसात से बंद व प्रभावित चल रही सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।