कुल्लू। एमडीआर (मल्टी ड्रग रजिस्टेंस) टीबी के मरीजों को इलाज के लिए टांडा और आईजीएमसी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब एमडीआर मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल में ही उपचार मिलेगा। इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चार बेड का अलग से वार्ड तैयार किया गया है। जिसका उद्घाटन वीरवार को वन, परिवहन एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर करेंगे। इसके वह सीबी नाट मशीन का भी शुभारंभ करेंगे। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर दी हैं।
जिला कुल्लू में टीबी मरीजों की संख्या 1560 पहुंच गई है जिसमें 60 मरीज एमडीआर (मल्टी ड्रग रजिस्टेंस) के मरीज हैं। इससे पहले इन मरीजों को अपने उपचार के लिए मेडिकल कालेज टांडा या फिर आईजीएमसी शिमला का जाना पड़ता है। जिससे मरीजों व उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था लेकिन अब जिला कुल्लू के मरीजों को यह सुविधा 300 बिस्तरों वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपलब्ध होगी।
वहीं, टीबी के मरीजों की जांच भी सीबी नाट मशीन द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में होगी। मरीजों को मात्र दो घंटे में ही टीबी जांच रिपोर्ट मिलेगी। पहले टीबी के बायोलॉजिकल सैंपल लेकर टीबी जांच के लिए मंडी भेजा जाता था जिसे आने में एक हफ्ते का समय लग जाता था। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ केएस मल्होत्रा ने कहा कि लोगों को सीबी नाट आधुनिक मशीन से टीबी के मरीजों को लाभ मिलेगा। सात फरवरी से कुल्लू अस्पताल में दो घंटे में ही मरीजों को जांच रिपोर्ट मिल पाएगी।