बंजार (कुल्लू)।
बंजार फॉरेस्ट कॉलोनी में वर्तमान में भी भूस्खलन का खतरा बरकरार है। भूस्खलन के छह माह बाद भी मलबा और चट्टानें नहीं हटाई गई हैं। सड़क साफ करने के अलावा पहाड़ी पर दरकीं चट्टानें पड़ी हुई हैं, जो कि हल्की सी बारिश में तबाही मचा सकती हैं। स्थानीय लोगों ने विधायक सुरेंद्र शौरी के माध्यम से सीएम से इस संबंध में उचित कदम उठाने की गुहार लगाई है।
वर्तमान में वार्ड सात में बने 25 घरों को वर्षा के दौरान अभी भी पहाड़ी के दरकने का खतरा बना हुआ है। भूस्खलन के 6 महीने बीतने के बाद भी सरकार और प्रशासन ने इस दिशा में कोई भी उचित कदम नहीं उठाया। बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने स्थानीय बाशिंदों के आग्रह पर वार्ड सात में पहुंच कर निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय बाशिंदों में लाल चंद ठाकुर, मोहर सिंह, रंजीत जम्वाल, मोहन लाल ठाकुर, टेक सिंह, उत्तम ठाकुर, लोभू राम, उत्तम महंत, महेश्वर सिंह, बेली राम, टीसी महंत ने विधायक सुरेंद्र शौरी को पूर्व में भूस्खलन और नुकसान की पूरी जानकारी दी।
कहा कि सितंबर 2017 में स्थानीय बाशिंदों ने फॉरेस्ट कालोनी के पीछे 130 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए सहायक अभियंता लोक निर्माण बंजार द्वारा तैयार किए गए प्राकलन को उपायुक्त कुल्लू यूनुस के माध्यम से स्वीकृति बारे राज्य स्तरीय प्राकृतिक राहत कोष से धन राशि जारी करने के बारे भेज रखा है, लेकिन आचार संहिता के चलते इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। ग्राम पंचायत चैहणी के रोहलो वार्ड के दो रास्ते आज भी अवरुद्ध हैं। जिस कारण विद्यार्थियों समेत जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दरकी पहाड़ी का 70 प्रतिशत मलबा सड़क से पीछे गिरा पड़ा है। इधर, विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि इस मामले को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा और उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।