नग्गर (कुल्लू)। महिलाओं के सशक्तिकरण, उनके स्वस्थ व स्वच्छ जीवन, स्वाभिमान व उत्थान के लिए कुल्लू जिला प्रशासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से नारी-गरिमा अभियान आरंभ करने का सराहनीय निर्णय लिया है। इस अभियान के दौरान महिलाओं के मासिक धर्म से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने और व्यक्तिगत स्वच्छता पर बल देने के साथ महिला सशक्तिकरण व उत्थान से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में व्यापक मुहिम चलाई जाएगी।
सोमवार को नववर्ष के उपलक्ष्य पर उपायुक्त यूनुस ने नग्गर विकास खंड के गांव जाणा से नारी गरिमा जागरुकता अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपायुक्त यूनुस ने कहा कि भ्रांतियों को दूर करने, मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य की सही देखभाल और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति महिलाओं को जागरूक करने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार के उद्देश्य से ही कुल्लू जिला में व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत जिले भर में नारी गरिमा जागरुकता शिविर लगाए जाएंगे। कुछ पंचायतों के कलस्टर भी बनाए जाएंगे तथा उनमें बड़े पैमाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों, हेल्थ वर्करों और विभिन्न महिला संगठनों की पदाधिकारियों के माध्यम से महिलाओं को मासिक धर्म की व्यापक जानकारी दी जाएगी। अभियान में देवी-देवता कारदार संघ और अन्य धार्मिक व सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान जिला परिषद सदस्य सीता राखा, शिक्षाविद ललिता कंवर, हेल्थ एजुकेटर सुषमा, लवलीन थरमाणी, शालिनी राय, शालिनी वत्स किमटा और गायिका खुशबू भारद्वाज ने महिलाओं को जागरूक किया। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र आर्य, सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र व अन्य मौजूद रहे।
एक वर्ष तक चलने वाले इस अभियान की निरंतर समीक्षा की जाएगी। फील्ड स्तर पर गठित टीमें हर सप्ताह समीक्षा करेंगी, जबकि उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति भी इस पर नजर रखेगी तथा हर पखवाड़े के दौरान बैठक करेगी। छह महीने बाद आंगनबाड़ी कर्मचारी और आशा वर्कर अपने-अपने क्षेत्रों की सर्वे रिपोर्ट पेश करेंगी।
महिलाओं के मार्गदर्शन के लिए हेल्पलाइन नंबर 01902-222105 आरंभ किया गया है। इस नंबर पर आने वाली फोन कॉल्स का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और आवश्यकतानुसार महिलाओं के लिए निशुल्क काउंसिलिंग, मनोचिकित्सक व अन्य डाक्टरों की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच भी की गई। उपायुक्त ने गांव में सामुदायिक स्नानागार के निर्माण और देवता मंदिर के प्रांगण को पक्का करने के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान करने की घोषणा भी की।