कुल्लू। देवता खुडीजल की मंदिर प्रतिष्ठा में प्रोहल धार्मिक कार्यक्रम आकर्षक का केंद्र रहा। इस दौरान देवता खुडीजल सहित देवी कमाक्षा करसोग, देवता ब्यास ऋषि, देवता लोमश ऋषि, देवता टकरासी नाग शामिल हुए। ढोल नगाड़ों और मंत्रोच्चारण के साथ चले प्रोहल कार्यक्रम करीब दो घंटे तक चला।
दो दिनों तक चलने वाले पूर्णाहुति समारोह के पहले दिन हजारों श्रद्घालुओं ने देवता खुडीजल और देवी देवताओं के दर्शन कर पुण्य कमाया। इससे पहले यहां कुल्लू-मंडी जिला से आए देवी-देवताओं का आगमन हुआ। जिससे पूरी घाटी देवमय हो उठी। देवता के साथ-साथ देवलु भी झूम उठे। देवता खुडीजल के पूज प्रतिष्ठा में माता बूढ़ी नागिन बालू, देवता झाकडू नाग, देवता चोतरू नाग, देवता विशलू नाग, देवता कुईजल, देवता रावल ऋषि, देवता सत्य नारायण फनौटी, देवता शांगडू, देवता नारायण करशाला, देवता डीम, देवता श्रृंगा ऋषि बशलाला सहित 22 देवी देवता ने देहुरी पहुंचे।
पूर्व बीडीसी अध्यक्ष जमुना ठाकुर, देवलु मोहन ठाकुर, संदीप चौहान, दुनी चंद, तिलक राज और जगदीश चौहान ने कहा कि जिला कुल्लू के बाह्य सराज में अब तक का ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान हुआ है। उन्हें भी अपने देवता के साथ इस कार्यक्रम का साक्षी होने का अवसर मिला है। उधर, देवता खुडीजल के कारदार शेर सिंह ने कहा कि 16 नवंबर को पूर्णाहुति होगी।