पतलीकूहल में नहीं खुला फायर अाफिस।
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मनाली/पतलीकूहल। जिला मुख्यालय कुल्लू और पर्यटन नगरी मनाली के मध्य स्थित पतलीकूहल कस्बे में लंबे समय से अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग आज तक अधूरी है। स्थानीय लोगों को कोरे आश्वासनों के सिवा कुछ नहीं मिला। हालांकि दस साल पहले पूर्वमंत्री रहे राजकृष्ण गौड़ के समय इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से एक तेज मुहिम भी शुरू की गई थी। बावजूद कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया।
चालीस पंचायतों के केंद्र स्थल पतलीकूहल के आसपास के गांवों में आग लगने पर 23 किलोमीटर कुल्लू या मनाली से दमकल वाहन पहुंचते हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने तथा सड़कों की हालत दुरुस्त न होने से दमकल वाहनों को पहुंचने में करीब एक घंटा लग जाता है। इतने में सब राख हो चुका होता है। कुछ रोज पहले पतलीकूहल से सटे डटेहड़ बिहाल में मकान में आग लग गई, लेकिन अग्रिशमन केंद्र के नजदीक न होने के चलते मकान को स्वाह होने से नहीं बचाया जा सका। इसी प्रकार हलाण, बशकोला, कटराईं, काथी, नग्गर, गाहर और काइस क्षेत्र में दर्जनों आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। करीब 15 दिन पहले कटराईं पंचायत में एक मकान में भी ऐसा ही माजरा देखने को आया और देखते ही देखते रिहायशी मकान राख हो गया। मनाली होटल एसोसिएशन के चीफ पैट्रन देवेंद्र नेगी का कहना है कि दस साल पहले पंचायत प्रधान रहते उन्होंने मनाली की फायर स्टेशन की गाड़ी को पतलीकूहल में रोकने के लिए स्थान प्रदान करने की बात कही थी, लेकिन मामला सिरे नहीं चढ़ा। अग्निशमन केंद्र मनाली के प्रभारी कमल स्वरूप ने बताया कि पतलीकूहल में फायर स्टेशन खोलने की प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में भाजपा प्रत्याशी गोविंद ठाकुर के अनुसार उन्होंने भाजपा सरकार के दौरान पतलीकूहल में अग्रिशमन केंद्र खोलने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन सरकार बदलने से सब धरा का धरा रह गया। वहीं मनाली कांग्रेस अध्यक्ष भुवनेश्वर गौड़ के अनुसार सीएम वीरभद्र सिंह ने पिछले दौरे में पतलीकूहल में फायर स्टेशन खोलने की घोषणा की है। दोबारा सरकार बनते ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।