कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों की सांसें चलाने के लिए प्रबंधन हर महीने 1.90 लाख रुपये खर्च कर रहा है। मगर अस्पताल में छह महीने से ठप पड़े ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत के लिए बजट ही नहीं मिल रहा है। ऑक्सीजन प्लांट की तकनीकी मरम्मत पर करीब 2.50 रुपये खर्च होने का अनुमान है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन में करीब छह महीने में मरीजों की सांसें चलाने के लिए ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत पर खर्च होने वाले धनराशि से तीन से चार गुणा ज्यादा पैसा खर्च कर दिया है।
जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में छह महीने से ऑक्सीजन प्लांट ठप चल रहा है। इस ऑक्सीजन प्लांट को कोरोना काल में 1.50 करोड़ खर्च कर मरीजों की सुविधा के लिए पीएम केयर फंड के तहत स्थापित किया गया था। प्लांट से अस्पताल के सभी वार्डों में भर्ती मरीजों के बिस्तरों तक पाइपलाइन के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति पूर्व में की जाती रही है। मगर 1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट का संचालन करीब छह महीने से पूरी तरह ठप है। इससे अब यहां ऑक्सीजन तैयार नहीं हो पा रही है।
अब क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के प्रबंधन को मरीजों की सुविधा के लिए हर माह जिला मंडी से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवाने पड़ रहे हैं। हर माह कुल्लू अस्पताल में 550 से 600 सिलिंडर की खपत होती है। ऐसे में मंडी से ऑक्सीजन सिलिंडर लाने पर अस्पताल प्रबंधन को हर माह करीब 1.70 से 1.90 लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश चंद ने कहा कि अस्पताल में 450 से अधिक छोटे-बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। साथ ही आपात स्थिति में अस्पताल के मातृ शिशु विंग (एमसीएच) के 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट को उपयोग में लाया जाएगा।