अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के कटागला और छलाल में 11 होटल व रेस्तरां अवैध पाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान इन होटलों व रेस्तरों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले हैं। जिस पर अब विभाग की ओर से इन्हें नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। संयुक्त विभागीय टीम के निरीक्षण से कसोल व आसपास के होटल संचालकों व मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है।
हाईकोर्ट के आदेश पर जिला पर्यटन विकास विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम बुधवार को कसोल के साथ लगते कटागला व छलाल क्षेत्र में पहुंची। टीम ने खराब मौसम के बीच निरीक्षण अभियान जारी रखते हुए दिनभर करीब 15 होटल, रेस्तरां व होम स्टे के आवश्यक दस्तावेज जांचे। इस दौरान 11 होटल व रेस्तरां संचालक व मालिक आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इनमें पर्यटन विभाग में पंजीकरण, प्रदूषण बोर्ड से एनओसी समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। इन होटलों की सूची तैयार कर विभागीय टीम नियमानुसार कार्रवाई अमल पर ला रही है। लापरवाह होटल संचालकों व मालिकों को नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने नशे को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन को कसोल व आसपास के क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर निरीक्षण कर जायजा लेने के आदेश दिए थे। जिस पर प्रथम चरण के तहत निरीक्षण के दौरान कसोल में 60 में से 44 होटल आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। जिसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में जमा करवाई। हाईकोर्ट ने इन होटलों को तुरंत बंद करने के आदेश दिए। जिस पर 42 होटलों को सील किया गया। अब दूसरे चरण में कसोल के आसपास की जगहों में टीम निरीक्षण कर रही है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इधर, जिला पर्यटन अधिकारी बीसी नेेगी ने बताया कि बुधवार को कटागला व छलाल में 15 होटलों व अन्य का निरीक्षण किया गया। जिनमें से 11 के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले हैं। नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है।
रेव पार्टी के लिए बदनाम है कटागला और छलाल
कसोल के अलावा साथ लगते कटागला और छलाल क्षेत्र रेव पार्टी के लिए बदनाम हैं। नशे को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट की तरफ से अब शिकंजा कसा जा रहा है। दोनों ही क्षेत्रों के लिए कसोल से पैदल रास्ता है। दोनों ही जगहें घने जंगलों के बीच हैं।