अमर उजाला ब्यूरो
बंजार (कुल्लू)। पोष संक्रांति को स्वर्ग प्रवास पर गए जिला के सैकड़ों देवी-देवता माघ संक्रांति को अपने देवालय लौटेंगे। कई देवता फाल्गुन व कुछ शिवरात्रि के दिन दर्शन देंगे। लेकिन अधिकतर देवी-देवताओं के कपाट मकर संक्रांति को खुल जाएंगे।
देव परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति की सुबह वाद्य यंत्रों की थाप के साथ पूजा अर्चना होगी और देवता के गूर भविष्यवाणी भी करेंगे। करीब एक महीने तक घाटी के देवी-देवताओं के कपाट बंद रहने केेे बाद देव समाज में खुशी की लहर है। देवी-देवताओं के स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद जिला के देवालयों में जहां फिर से रौनक लौट आएगी, वहीं देव कारज भी शुरू हो सकेंगे। घाटीवासी विश्व देव शर्मा, नवल कुमार, राम नाथ, श्याम लाल, उत्तम राम, रोशन, बालक राम व गोपाल शर्मा ने कहा कि एक मास तक घाटी के देवालयों के कपाट बंद रहने के बाद 14 जनवरी को माघ संक्रांति को देवी-देवता अपने देवालयों में लौट आएंगे। इसको लेकर घाटी के लोगों व देव समाज में खासा उत्साह है। कारदार संघ कुल्लू के पूर्व महासचिव टीसी महंत ने कहा कि माघ संक्रांति को घाटी के सैकड़ों देवी-देवता स्वर्ग प्रवास से वापस धरती पर लौट आते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार कुछ देवी, देवता फाल्गुन तो कुछ शिवरात्रि को लौटेंगे। देवी, देवताओं के स्वर्ग प्रवास पर जाने से एक माह तक धार्मिक आयोजन नहीं हो पाए थे, जो अब होंगे।