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कुल्लू में धीमी पड़ने लगी अमृत योजना की रफ्तार

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दो साल में एक भी विकास कार्य नहीं
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कुल्लू शहर में धीमी पड़ी अमृत योजना की रफ्तार
नप में अमृत योजना के तहत बनाए जाने हैं 10 पार्क
तीन पार्क के लिए अब जुलाई में दोबारा रिटेंडर करेगी नप
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। शहर में अमृत योजना को धरातल स्तर पर उतारने के लिए नगर परिषद सफल नहीं हो पाई है। अभी तक योजना के तहत कोई भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। लोगों में रोष है कि अमृत योजना से शहर की कायाकल्प पलट करने का दावा करने वाली नगर परिषद दो साल में अभी तक एक भी विकास कार्य पूरा नहीं करवा पाई है।
केंद्र सरकार ने देवभूमि कुल्लू की नगर परिषद कुल्लू को अमृत योजना के तहत लाया है। योजना के दो साल के बाद भी अमृत योजना की रफ्तार बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रही है। शहर में निकासी नालियां, स्वच्छ पेयजल, सीवरेज सिस्टम का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। वहीं अब शहर में योजना के तहत निर्माणाधीन दस पार्कों का कार्य अधर में लटका हुआ है। हालांकि नगर परिषद ने प्रथम चरण में तीन पार्क बनाने के लिए अप्रैल महीने में टेंडर जारी किए थे परंतु इसके लिए ठेकेदारों को दिलचस्पी नहीं दिखाई और पार्कों का निर्माण कार्य लटक गया है। बताया जा रहा है कि इसके लिए मात्र दो ही ठेकेदारों ने टेंडर भरा था जबकि टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कम से कम तीन ठेकेदारों को होना जरूरी है। अब जुलाई में टेंडरिंग की जा रही है।
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शहरवासी राजेंद्र, लाल सिंह, जगदीश, तेजा सिंह, पन्ना लाल, लाभ सिंह, महेंद्र ठाकुर, विशाल ठाकुर, ध्यान सिंह, चमन सिंह, बृज लाल, अमर सिंह तथा शिवपाल का कहना है कि केंद्र सरकार की अमृत योजना को कुल्लू शहर में लागू हुए दो साल का समय हो गया है परंतु अभी तक शहर के लोगों को किसी भी प्रकार सुविधा नहीं मिली है। नगर परिषद व संबंधित विभाग की लेटलतीफी से अभी तक शहर में अमृत स्कीम का कोई सकारात्मक असर देखने को नहीं मिल रहा है। नगर परिषद कुल्लू के कार्यकारी अधिकारी तेजा सिंह ठाकुर ने कहा कि अमृत के तहत नगर परिषद ने कई कामों को शुरू कर दिया है लेकिन पार्क निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए थे परंतु इसके लिए ठेकेदारों कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब जुलाई महीने में दोबारा टेंडर लगाए जा रहे हैं।
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यह विकास कार्य होंगे
अमृत योजना के तहत कस्बों को कायाकल्प करना है। जिसमें करीब एक दर्जन सुविधाओं का निर्माण करना है। अमृत योजना के तहत नगर परिषद के तहत आने वाले सभी लोगों को सीवरेज प्रणाली से जोड़ना, शहर में बने तीनों सीवरेज प्लाटों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करना, शहर के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना, वाटर एटीएम लगाने के साथ जल निकासी है। ये सभी काम पिछले दो सालों से चल रहे हैं लेकिन अभी तक कोई भी सिरे नहीं चढ़ पाया है। शहर के अंदर 10 पार्कों का भी निर्माण किया जाना है लेकिन इस काम के लिए नप कुल्लू को ठेकेदार ही नहीं मिल रहे हैं।
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