बिजली की सप्लाई ठप, अंधेरे में पूरी घाटी
थिरोट परियोजना बंद, मनाली से हो रही सप्लाई बाधित
बिजली और दूरसंचार की खस्ता हालत से लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में बिजली और संचार सेवाओं की खस्ताहाल से लोग काफी परेशान हैं। इससे सरकारी कार्यालयों में कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। फोन का संपर्क कट जाने से घाटी में सैर सपाटे के लिए पहुंचे रहे सैलानियों को भी समस्या से जूझना पड़ रहा है। पर्यटन सीजन के बीच घाटी में बिजली व दूरसंचार सेवाओं की बदहाली से पर्यटन कारोबारियों में मायूसी का माहौल है। वहीं स्थानीय प्रशासन भी इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। बिना सूचना के बार-बार बिजली गुल होने से लोगों में बिजली बोर्ड के प्रति भारी रोष है।
छह जून बुधवार और वीरवार देर शाम को तीन घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। अब आठ जून शुक्रवार रात से बिजली गुल है और पट्टन घाटी में स्थापित बारिंग मोबाइल टावर से सिगनल गायब हो गया है। घाटीवासी राजेश कुमार, मोहन लाल, सुशील कुमार और मनु ने कहा है कि लाहौल घाटी में इन दिनों ही बिजली और दूरसंचार सेवा खस्ताहाल हो गई है।
उन्होंने कहा कि 10 जून से कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा लाहौल दौरे पर आ रहे हैं। ऐसे में वह उनके समक्ष बिजली और दूरसंचार की समस्या को प्रमुखता उठाएंगे। लाहौल-स्पीति जिप चेयरमैन रमेश रुवलवा ने कहा कि 10 जून को मंत्री मारकंडा की जिला मुख्यालय केलांग में अधिकारियों के साथ बैठक रखी गई है। जहां इन समस्याओं को भी रखा जाएगा।
केलांग में तैनात बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता जीले सिंह भाटिया ने कहा कि तकनीकी कारणों से थिरोट परियोजना में बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है। वहीं मनाली से लाहौल के लिए हो रही भूमिगत सप्लाई की लाइन कोकसर से गुफा होटल के बीच खराब हो गई है, जिसे चैक किया जा रहा है।