फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार माह बाद माता बूढ़ी नागिन का पूजा शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
चार माह बाद माता बूढ़ी नागिन की पूजा शुरू
विज्ञापन

बैसाख संक्रांति को सरयोलसर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
घी की धार से श्रद्धालुओं ने पूरी की अपनी मन्नत
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सरयोलसर में वास करने वाली माता बूढ़ी नागिन की चार माह बाद पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। इस बार कम बर्फबारी होने से माता का कपाट चैत्र माह में ही खुल गया था लेकिन ठंड के चलते पूजा अर्चना नहीं हो सकी थी। ऐसे में शनिवार को बैसाख संक्रांति के मौके पर पुजारी ने पूजा शुरू कर दी है।
पूजा अर्चना के साथ 10500 फुट ऊंची सरयोलसर माता के जयकारों से गूंज उठा। बैसाख संक्रांति के दिन माता के चार माह बाद दर्शन पाकर श्रद्धालु धन्य हो उठे और इस पावन वेला में भक्तों ने स्नान कर पुण्य कमाया। बैसाख संक्रांति को सरयोलसर में लगने वाले मेले को यहां सैकड़ों की संख्या में दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन को पहुंचे थे। कई भक्तों ने यहां एक दिन पहले ही डेरा डाल रखा था और रातभर माता का खूब गुणगान किया। वहीं श्रद्धालुओं ने माता को रखी मन्नत को एक किलोमीटर की परिधि में फैली झील के चारों ओर घी की फेरी (परिक्रमा) से पूरा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब नवंबर माह तक माता की नियमित पूजा अर्चना होती रहेगी। उधर, माता की विधिवत पूजा होने से बंजार और बाह्य सराज आनी-निरमंड क्षेत्र के साथ किन्नौर, रामपुर, कुमारसेन, करसोग तथा जिला मंडी का सराज क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। माता के कारदार भागे राम राणा ने कहा कि तय समय के अनुसार बैसाख संक्रांति से माता के पुजारी डोला राम ने माता पूजा अर्चना शुरू कर दी है। बैसाख संक्रांति को एक दिन पहले से यहां भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। माता बूढ़ी नागनि लोगों को सुख-शांति व समृद्धि देती है। आने वाले दिनों में माता दरबार में भक्तों के साथ देशी-विदेशी पर्यटकों को उमड़ना शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें