बर्फबारी ने रोहतांग टनल होकर
आपात आवाजाही को रोका
आपातकाल में लाहौल से कुल्लू मरीजों को लाने में हो सकती है दिक्कत
चंद्रावैली समेत घाटी के कई हिस्सों में बिजली की आंख मिचौली
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद लाहौल घाटी में मंगलवार को भी बर्फबारी का दौर जारी रहा। हालांकि दोपहर बाद घाटी में तेज धूप खिलने से मौसम सुहावना हो गया। ताजा बर्फबारी के बाद रोहतांग टनल होकर हो रही आपात आवाजाही पर भी रोक लग गई है।
रोहतांग टनल से बर्फबारी के बाद आपात आवाजाही बंद होने से अब घाटी के मरीजों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। हेलीकॉप्टर सर्विस नहीं होने पर अब मरीजों को कुल्लू लाने के लिए कोई दूसरा विकल्प उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अब जनजातीय क्षेत्र के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। खराब मौसम या हेलीकॉप्टर उपलब्ध न होने पर अब कुल्लू पहुंचने को कोई जरिया नहीं है। बर्फबारी के कारण चंद्रावैली समेत घाटी के कई हिस्सों में बिजली की आंख मिचौली शुरू हो गई है। दूरसंचार सेवा भी सुचारू काम नहीं कर रही है। बर्फबारी के बाद फिलहाल घाटी के भीतर तमाम संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है।
इस संबंध में उपायुक्त लाहौल-स्पीति अश्वनी कुमार चौधरी ने बताया कि दो दिनों तक घाटी में जमकर बर्फबारी हुई है। बर्फबारी होने से रोहतांग टनल होकर लोगों की आवाजाही में भी रोक लग गई है। केलांग सिस्सू मार्ग बंद होने से फिलहाल कुछ दिनों तक लोग आपात स्थिति में भी रोहतांग टनल होकर आर-पार नहीं हो सकेंगे। वहीं ताजा बर्फबारी से किसानों और बागवानों ने राहत महसूस की है। हालांकि आगामी कृषि सीजन को देखते हुए इस बर्फबारी को नाकाफी माना जा रहा है।