बगीचों में पौधों को मिली वांछित नमी
खराहल (कुल्लू)। ताजा बर्फबारी से बगीचों में चिलिंग ऑवर्स में इजाफा हो गया हैै। सूखे से मायूस चल रहे बागवानों के चेहरों पर रौनक आ गई। सेब के नए पौधों को रोपने के लिए पर्याप्त नमी मिल गई है। लिहाजा बागवान समय रहते पौधरोपण का काम शुरू कर पाएंगे। कई क्षेत्रों में सूखे के कारण बागवान इन कार्य को करने में असमर्थ थे। वहीं, सूखे के कारण कई बीमारियों का प्रकोप पौधों पर बढ़ गया था। बर्फबारी और बारिश के कारण अब इससे निजात मिल जाएगा। जिला कुल्लू में 70 हजार लोग बागवानी से जुडे़ हैं। जिला में करीब 700 करोड़ रूपये का सेब कारोबार होता है।
सुप्तावस्था के बीच सेब के सामान्य पेड़ों के लिए चिलिंग ऑवर्स की जरूरत होती है। सामान्य रॉयल के पौधों को 1200 से 1600 घंटे तक सात डिग्री सेल्सियस का तापमान लाजिमी है। स्पर वैरायटी के सेब के लिए करीब 800 से 1000 तक चिलिंग ऑवर्स जरूरी है। इससे आगामी सेब सीजन में अच्छे फूल आते है और बेहतर तरीके से फलों की सेटिंग होता है। प्रगतिशील बागवान पूर्व विधायक चंद्रसेन ठाकुर के अनुसार ताजा बर्फबारी सेब की फसल के लिए बढ़िया है। सदर फल एवं सब्जी उत्पादन संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर कहते हैं कि इस बार की बर्फबारी 60 फीसदी बगीचों तक पहुंची है। इससे से बागवान काफी गदगद है। फरवरी और मार्च महीने में मौसम अनुकूल रहना चाहिए। बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. आरके शर्मा ने भी बर्फबारी को सेब के लिए अच्छा माना है। उन्होंने चिलिंग आवर्स के बारे में अभी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। एक बराबर फ्लावरिंग होगी तो पूरे चिलिंग आवर्स हैं। इस तरह से फूल नहीं खिलेंगे तो पूरे नहीं होंगे।