मनाली/पतलीकूहल। घाटी में चल रहे सूखे का असर कुल्लू-मनाली के विंटर पर्यटन कारोबार भी पड़ गया है। घाटी में एकाएक घटी सैलानियों की संख्या से पर्यटन कारोबार ठप हो गया है। मनाली के होटलों की ऑक्यूपेंसी 70 से घटकर मात्र 15 से 20 फीसदी तक रह गई है। बर्फबारी नहीं होने से विंटर पर्यटन को बड़ा झटका लगा है।
विश्व-विख्यात पर्यटन नगरी मनाली में बर्फबारी नहीं होने से सैलानियों की आमद काफी कम हो चली है। जिसके चलते मनाली में इन दिनों सन्नाटा पसरा है। जिन होटलों में कभी रहने को कमरा मिलना मुश्किल हो जाता था। अब आलम यह है कि होटलों के अधिकतर कमरे सूने पड़े हैं। नतीजतन होटलों का ऑक्यूपेंसी बीस फीसदी से भी कम रह गई है। जिसके चलते होटल कारोबारियों को स्टाफ का वेतन तक जुटाने में परेशानी आ रही है। इतना ही नहीं सैलानियों की आमद घटने से टैक्सी, ऑटो, ट्रेवल एजेंसी, कोट-बूट कारोबारियों समेत अन्य सभी व्यवसायियों को मंदी का सामना करना पड़ रहा है।
मनाली होटिलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि इन दिनों ऑक्यूपेंसी घटकर 15 फीसदी तक पहुंच गई है। बेशक बर्फबारी ने होने से ऐसा हुआ है, लेकिन यदि सरकार ऑफ सीजन में सैलानियों को आकर्षित करने को नए पर्यटन स्थलों को उभारने समेत कोई ठोस योजना लाती है तो इसके प्रचार प्रसार से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
हिम-आंचल टैक्सी यूनियन के प्रधान राजकुमार डोगरा का कहना है कि सैलानी न होने से कई तरह की परेशानियां हो रही हैं। वोल्वो बस यूनियन की प्रधान लाजवंति शर्मा का कहना है कि सैलानी न होने से वोल्वो बसों को चलाना काफी मुश्किल काम हो चला है।