उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल में बर्फबारी के दिनों घाटी के मुख्य मार्गों को बहाल रखने के लिए सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों ने कवायद शुरू कर दी है। केलांग-सिस्सू-दारचा, तांदी उदयपुर और किलाड़ के बीच मार्ग को बहाल रखने के लिए मशीनें तैनात रहेंगी। जिससे अधिक बर्फबारी होने पर सड़क मार्ग बंद न हो।
सीमा सड़क संगठन की इस मुहिम से घाटीवासियों ने राहत की सांस ली है। इसका लाभ जनजातीय क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। बर्फबारी होने के बाद लोगों को कई दिनों तक मार्ग बहाल होने का इंतजार करना पड़ता है। कर्मचारियों से लेकर स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बार सीमा सड़क संगठन रणनीति के तहत तैयार है। लाहौल में तैनात 94 आरसीसी और 70 आरसीसी के अधिकारियों ने दो दर्जन मशीनों को तैयार कर रखा है। स्तींगरी में तैनात 70 आरसीसी के ओसी लेफ्टिनेट कर्नल विजय कुमार ने कहा कि सर्दियों के दिनों में घाटी के महत्वपूर्ण मार्गों को बहाल रखा जाएगा। जिस्पा, तांदी व स्तींगरी में मशीनेें तैनात की जाएंगी। केलांग-सिस्सू, केलांग-जिस्पा के बीच मार्ग को सर्दी में भी बहाल रखा जाएगा। हालांकि अधिक बर्फबारी में समय लग सकता है। जबकि उदयपुर में तैनात 94आरसीसी के ओसी मेजर देशपांडे ने कहा कि उनके अधीन तांदी किलाड़ मार्ग को सर्दियों के दौरान बहाल रखा जाएगा। कारगा, किलाड़, तिंदी, श्योर और किलाड़ में मशीनों को तैनात रखा जाएगा। जरूरत के मुताबिक एक मशीन उदयपुर में तैनात रखी जाएगी। वहीं बीआरओ के इस फैसले को लेकर लोग राहत महसूस कर रहे हैं।