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बिजली महादेव ढोल-नगाड़ों की थाप पर मणिकर्ण रवाना

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devta - फोटो : अमर उजाला
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खराहल (कुल्लू)। खराहल और कशावरी फाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव वीरवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद अपने मंदिर भ्रैण से ढोल नगाड़ों की थाप पर सैकड़ों हारियानों और देवलुओं के संग शाही स्नान के लिए रवाना हुए। वीरवार सुबह देवता की विशेष पूजा अर्चना हुई। देर सायंकाल देवता लाव लश्कर के साथ मणिकर्ण घाटी के जरी में पहुंचे। वहीं देवता माहुंटी नाग भी बुधवार को पीणी में पहुंचे हुए थे। दोनों देवताओं का जरी में देवमिलन हुआ।
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शुक्रवार की सुबह पूजा-पाठ करने के बाद देवताओं का प्रस्थान मणिकर्ण के लिए होगा। देवता बिजली महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि मणिकर्ण पहुंचने के बाद दोनों देवता अस्थायी शिविर में रहेंगे। 2 दिसंबर को देवताओं का मिलन भगवान राम से होगा। भगवान राम से मिलन की परंपरा का निर्वहन के बाद दोनों देवता अपने अस्थायी शिविर में वापस लौट आएंगे। पूर्णिमा के दिन 3 दिसंबर को देवविधान के साथ देवता बिजली महादेव का शाही स्नान मणिकर्ण के पवित्र जल से किया जाएगा।
ऐसी मान्यता है कि पवित्र जल के स्नान से देवताओं की शक्ति में अपार वृद्धि हो जाती है। लिहाजा समय-समय पर देवभूमि कुल्लू के देवी-देवता पवित्र स्नान के लिए जाते रहते हैं। इस संबंध में कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि देवता शाही स्नान के लिए मणिकर्ण को तीन साल के बाद जा रहे हैं। पूर्णिमा के दिन रविवार को सैकड़ों देवलुओं और हारियान के संग शाही स्नान देवविधि के अनुसार करेंगे। उसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी होगा। शाही स्नान के बाद देवता शाम को देवता जरी वापस पहुंचेंगे और 4 दिसंबर को ओलड़ में ठहराव होगा। 5 दिसंबर को देवता अपने देवालय बिजली महादेव पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि छह दिसंबर को मंदिर में देव भोज का आयोजन किया जाएगा।
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