अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/मनाली। बारिश से जिला कुल्लू में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मूसलाधार बारिश के बाद हुए भारी भूस्खलन से कुल्लू-मनाली हाईवे तीन घंटे तक बंद रहा, जबकि वाम तट मार्ग पहले से ही अवरुद्ध चल रहा है। जगह-जगह हुए भारी भूस्खलन से जिला कुल्लू में 25 से अधिक सड़कें प्रभावित चल रही हैं। इन रूटों पर बसें आधे रास्ते तक ही जा रही हैं।
रूमसू, मलाणा व शरची में फंसी तीन बसें तीन दिन बाद भी नहीं निकाली जा सकी हैं। इसके अलावा रोहाचला, पेखडी, बंजार-छतरी, तांदी, ग्रांहो, सजवाड़, मलाणा, शंगचर, सैंज, घुहाटन, करशाला आदि सड़कों पर यातायात प्रभावित है और निगम की बसें गंतव्य तक नहीं जा रही हैं। शनिवार दिनभर बारिश का क्रम जारी रहने से ब्यास व पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे भुंतर में ब्यास के किनारे बसे झुग्गी-झोंपड़ी वालों को सुरक्षित जगह पर भेजा गया है। बारिश से सबसे अधिक परेशानी सैलानियों को उठानी पड़ रही है। मनाली से करीब तीन किलोमीटर पीछे बाहनु पुल के पास पहाड़ी से हुए भूस्खलन में एक विशालकाय चट्टान कुल्लू-मनाली हाईवे पर आ गई। इससे यहां पर कई घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। हालांकि भूस्खलन के बाद प्रशासन ने चट्टान को हटाने का काम शुरू किया। लेकिन हाइवे को सुचारु करने में करीब तीन घंटे का समय लगा। इससे दिल्ली-चंडीगढ़ की तरफ से मनाली को आई वोल्वो फंस गई और पर्यटकों को बारिश के बीच भारी भरकम सामान के साथ दो किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ा। मनाली के दूसरे विकल्प वाम तट कुल्लू-मनाली वाया नग्गर व जगतसुख मार्ग भी 27 जुलाई से अवरुद्ध है। बारिश में कुल्लू-मनाली हाईवे और वाम तट पर जगह-जगह पत्थर गिरते रहे। ऐसे में दिल्ली पब्लिक स्कूल मनाली को वाम तट की ओर से आने वाले बच्चों के लिए शनिवार को एक दिन का अवकाश घोषित किया गया। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने बताया कि कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे पर चट्टान आने से यातायात बाधित हो गया था, जिसे दोपहर करीब एक बजे खोल दिया गया था। वाम तट के जगतसुख पुल के पास डंगा गिरने से बंद मार्ग को लोनिवि को जल्द बहाल करने को कहा गया है।