लाल रसीले प्लम से गुलजार हुईं सब्जी मंडियां
70 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है लाल रसीला फल
जिला में 12 हजार हेक्टेयर भूमि पर हो रहा उत्पादन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। कुल्लू की विभिन्न सब्जी मंडियां लाल रसीले प्लम से गुलजार हो गई हैं। तैयार प्लम की खेप सब्जी मंडी में पहुंच रही है। दाम बेहतर मिलने से बागवानों के चेहरे खिले हैं। मंगलवार को कुल्लू की बंदरोल सब्जी मंडी में प्लम की बोली 70 रुपये प्रतिकिलो ए श्रेणी के प्लम पर लगी है। वहीं, ओलावृष्टि से ग्रस्त फलों की कीमत भी बढ़िया मिल रही है।
बागवानों का कहना है कि प्लम के दाम घरद्वार पर ही दिल्ली से बेहतर मिल रहे हैं। जिला कुल्लू में 12000 हेक्टेयर भूमि पर तमाम किस्म का प्लम तैयार हो रहा है। हालांकि इस साल सूखे के चलते आकार मनमाफिक नहीं बन पाया है। साथ ही कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से भी काफी फलों को नुकसान हो गया है।
घाटी के बागवान अमित कुमार, चमन, अमन, राज, ज्ञान ठाकुर, लाल चंद, चुनी लाल, सुरेश, देवराज तथा संजीव शर्मा आदि का कहना है कि इस साल बारिश समय पर न होने से फल का आकार प्रभावित हो गया है लेकिन लोकल मंडियों में बेहतर दाम मिलने से बागवानों की नुकसान की भरपाई की उम्मीद जाहिर की जा रही है। अधिकतर प्लम के बगीचे बाहरी राज्यों के व्यापारियों ने फ्लावरिंग आने पर ही खरीद रखे हैं।
बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन लाल ठाकुर के अनुसार मंगलवार को मंडी में प्लम 65 से 70 रूपये तक बिका है। कुल्लू एवं लाहौल स्पीति मार्केट बोर्ड के सचिव सुशील गुलेरिया ने बताया कि कुल्लू की तमाम मंडियों में प्लम की खेप पहुंच रही हैं। बागवानों को उम्दा दाम भी मिल रहे हैं। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि फलों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे। इससे अच्छे दाम मंडियों में प्राप्त होंगे।