क्रैश बैरियर होते तो बच जाती युवकों की जान
बंजार ( कुल्लू)। उपमंडल बंजार के दंधार गांव में चीलधार के पास हुई सड़क दुर्घटना कांगडा जिला के नूरपूर हादसे की याद को ताजा कर दिया है। थाटीबीड़ सड़क में अगर लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क किनारे क्रैश बैरियर समय रहते लगाए होते तो शायद दोनों युवकों की जान बच जाती। ग्राम पंचायत थाटीबीड के घमीर गांव व थाटी गांव दोनों युवकों को सड़क के किनारे क्रेश बैरियर नहीं होने के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
घाटीवासी रोशन लाल, रमेश शर्मा, महेश्वर सिंह, मान सिंह, ठाकुरी देवी, रोशनी देवी, निशा देवी, इंद्र परमार, लीला, उर्मिला देवी, अनीता देवी, सुलोचना महंत ने प्रदेश में बढ़ रहे सड़क हादसों पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने केंद्रीय परिवहन मंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से गुहार लगाई है कि लोक निर्माण विभाग को सख्त निर्देश जारी किए जाएं कि जिन स्थानों में क्रेश बैरियर अभी तक नही लगे हैं। वहां प्राथमिकता के आधार पर क्रैश बैरियर लगाए जाएं। सड़क की डीपीआर के साथ क्रैश बैरियर की डीपीआर भी बने। जिससे प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।