लहसुन की अच्छी फसल
के लिए खेतों में डालें खाद
बारिश के बाद खाद डालने और निराई करने में जुटे किसान
उमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। बारिश और बर्फबारी होने से खेत-खलियानों में अब पर्याप्त नमी होने के कारण किसानों ने कृषि कार्य आरंभ कर दिए हैं। इसी कड़ी में इन दिनों किसान लहसुन की निराई और खाद डालने का काम में व्यस्त हो गए हैं। माहिरों का कहना है कि यही खेतों में खाद डालने का उचित समय है। इससे पौधों की वृद्धि वांछित रूप से होगी।
कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि समय रहते लहसुन की फसल में खाद डालने और निराई कार्य किया जाए। इस समय पर्याप्त नमी के चलते खाद पूरी तरह से घुल जाएगी। ऐसे में पौधों का विकास बेहतर तरीके से होगा। जिला कुल्लू में इस वर्ष समय पर बारिश न होने से लहसुन फसल को भी नुकसान हो गया है। लेकिन हाल ही में हुई बारिश से इसकी भरपाई होने की उम्मीद जाहिर की जा रही है। किसानों का कहना है कि समय-समय पर बारिश हो तो निश्चित तौर से उत्पादन उम्दा हो सकता है। जिला में 1200 हेक्टेयर भूमि पर लहसुन की पैदावार हो रही है। कुल्लू में औसतन 13697 मीट्रिक टन लहसुन का उत्पादन होता है। कुल्लू में सैंज, थरमाण, सेउबाग काईस, गाहर, लगवैली, मणिकर्ण, सनोर वैली और बंजार आदि क्षेत्रों में लहसुन का उत्पादन हो रहा है।
घाटी के किसान अमित, चमन, रमन, रामनाथ, जोग राज, सुशील, अनूप ठाकुर, नवीन, देवेंद्र, संजीव और वीर सिंह ने कहा कि बारिश होने से निराई और खाद डालने का काम खेतों में जोरों से चला हुआ है। इस संबंध में कृषि विभाग उप निदेशक रतन भारद्वाज ने कहा कि पौधों की वृद्धि के लिए किसानों को नाइट्रोजन खाद डालनी चाहिए। इससे पौधों का विकास बेहतर होगा।