अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। देश-विदेश से कुल्लू-मनाली घूमने आए पर्यटकों के लिए ट्रैकिंग का रोमांच अलग होता है। राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग को छोड़ दें तो उखड़ खाबड़ ट्रैक पर ट्रैकिंग के लिए सैलानी बहुत उत्साहित रहते हैं। इन दिनों कुल्लू, मनाली, पार्वती वैली, बंजार, तीर्थन वैली के विभिन्न रूटों पर सैलानी कदमताल कर रहे हैं। ट्रैकिंग को लेकर किसी तरह की ठोस व्यवस्था नहीं है।
पहाड़ों पर की यह कदमताल अब पर्यटकों की जान पर भारी पड़ रही है। अब तक वर्ष 2019 में ही ट्रैकिंग पर निकले चार पर्यटकों की मौत हो चुकी है, जबकि दो घायल हो चुके हैं। हादसों से सबक नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में ट्रैकिंग गतिविधियों को चलानी वाली ट्रेवल एजेंसियों की ओर से सैलानियों को दी जाने वाली सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बेहद कठिन रास्तों पर जरा सी लापरवाही मौत का कारण बन जाती हैं। जब कभी मौसम खराब होता है तो पर्यटकों को ट्रैकिंग पर लेकर जाना कहां तक न्यायसंगत है। कुछ ऐसा ही घटना दो दिन पहले मणिकर्ण घाटी के बरशैणी-खीरगंगा रूट पर निकले पर्यटकों के साथ हुई। इनमें से एक युवती की मौसम खराब होने के चलते जान चली गई। इससे पहले भी पार्वती वैली में दो अन्य पर्यटकों की जान ट्रैकिंग के दौरान जा चुकी है। पर्यटन नगरी मनाली में भी एक ट्रैकर की मौत हो चुकी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि रोमांच के लिए होने वाली इन गतिविधियों में थोड़ी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। हालांकि कई बार ऐसा भी देखने को मिला है कि पर्यटक बिना किसी स्थानीय गाइड के ट्रैकिंग रूटों पर निकल जाते हैं। रास्तों का पता नहीं होने के कारण टूरिस्ट कई बार रास्ता भटक जाते हैं, जिससे हादसे पेश आते हैं। चंद्रखणी और मलाणा की पहाड़ियों में हुए ट्रैकरों की मौतों के बाद प्रशासन एक वेबसाइट बनाकर ट्रैकिंग पर निकलने वाले हर ट्रैकर की जानकारी रखने का प्लान बनाया था। इसके लिए एक साइट पर जाकर सैलानी को अपना डाटा फीड करना होता है। अधिकतर सैलानी अपनी गोपनीयता के चलते इस पर रजिस्टर ही नहीं करते हैं।
पर्यटक ट्रैकिंग पर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
1. जब कभी भी ट्रैकिंग पर निकलें तो मौसम का पूरा ध्यान रखें। खराब मौसम में पहाड़ों का रुख न करें
2. बिना गाइड के पहाड़ों की ओर कदमताल न करें। बिना गाइड के अक्सर सैलानी रास्ता भटक जाते हैं।
3-पंजीकृत एजेंसियों के माध्यम से ट्रैकिंग टूअर पर निकलें। इससे पर्यटकों को परेशानी नहीं होगी।
4-सैलानी ट्रैकिंग में जाने से पहले पुलिस में पंजीकरण करवाएं। आपदा की स्थिति में पुलिस मदद के लिए पहुंच सकती है।
5-बहुत कठिन और दुर्गम ट्रैक रूटों की बजाय आसान व सुगम ट्रैक रूटों को प्राथमिकता दें।
6-पहाड़ों पर चलते हुए सावधानी बरतना भी जरूरी है। जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।
7-अगर फिजिकल तौर पर फिट नहीं है तो ट्रैकिंग से परहेज करें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अक्सर कई लोगों की तबीयत बिगड़ जाती है।