पर्यटन नगरी मनाली में दो
दिन से पेयजल आपूर्ति ठप
मनालसु नाले में सिल्ट आने से पेयजल सप्लाई प्रभावित
पानी के टैंकर खरीदने को मजबूर हुए पर्यटन कारोबारी
वैकल्पिक पग नहीं उठाने पर बढ़ सकती हैं दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। मानसून के आगाज के साथ पर्यटन नगरी मनाली में पेयजल संकट पैदा हो गया है। दो दिनों से पेयजल आपूर्ति नहीं होने से अब समस्या बढ़ने लगी है। हालांकि सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग कुछ घंटों के लिए बोरवेल का पानी मुहैया करवा रहा है। जो कि नाकाफी है।
मनाली को पानी देने वाले स्रोत मनालसु नाले में भारी सिल्ट आने के चलते पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। पर्यटन सीजन के चलते पर्यटन व्यवसायियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में आ रहा पानी मिट्टी मिला है। जोकि पीने लायक नहीं है। मनाली के लिए मनालसु नाला की पेयजल के लिहाज से मुख्य स्रोत है। पहली ही बारिश में सिल्ट आने के कारण आईपीएच विभाग की सभी तैयारियां धराशाई हो गई हैं। शिमला और कुल्लू जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के बावजूद इनसे निपटने के लिए विभाग ने कोई ठोस योजना नहीं बनाई। नतीजतन अब मनाली में पेयजल संकट से पर्यटन कारोबारी समेत स्थानीय लोग परेशान हैं।
पर्यटन कारोबारी पानी का टैंकर खरीदने को मजबूर हैं। जबकि कुछ स्थानों में आईपीएच विभाग की ओर से बोरवेल का पानी मुहैया करवाया जा रहा है। जोकि मांग के अनुसार पूरा नहीं हो रहा है। वर्तमान में मनाली को रोजाना छह लाख लीटर पानी की जरूरत रहती है। यदि जल्द सिल्ट संबंधी दिक्कत दूर न हुई तो मनाली में भी शिमला जैसे हालात पैदा होने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय प्रवीण, विनय शर्मा, नानक चंद, सुरेश कुमार, जगदीश, विजय कुमार और दिनेश कुमार ने बताया कि पेयजल संकट से दिक्कतें पेश आ रही हैं। पानी को लेकर प्रशासन को उचित कदम उठाने चाहिए अन्यथा यह मनाली के पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
इधर, आईपीएच विभाग के एसडीओ मनाली अमित ने बताया कि मनालसु नाला में भारी सिल्ट आने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है। बोरवेल से पानी टैंक भरा जा रहा है। उससे दिन में कुछ समय के लिए ढुंगरी को पानी दे दिया गया है। जबकि अन्य स्थानों को भी आपूर्ति दी जा रही है।