रिवर राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक
बारिश से ब्यास नदी उफान पर, खतरे को भांपते लिया फैसला
ब्यास में राफ्टिंग के लिए उत्सुक रहते हैं देशी-विदेशी पर्यटक
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। बारिश से ब्यास नदी उफान में होने पर प्रशासन ने रिवर राफ्टिंग पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है। बारिश से ब्यास नदी में एकाएक जल स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे में रिवर राफ्टिंग के दौरान खतरे को भांपते हुए रोक लगाई गई है। रोक के बावजूद रिवर राफ्टिंग करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।
बारिश से नदी नालों का जलस्तर बढ़ गया है। ब्यास का भी जलस्तर काफी ऊपर तक आ गया है। ऐसे में ब्यास की धारा में किसी तरह का हादसा न हो, इसके लिए प्रशासन सतर्क हो गया है। पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली में आने वाले पर्यटक ब्यास नदी को देखकर इसकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं। ब्यास की लहरों में होने वाली रिवर रॉफ्टिंग यहां आने वाले हर पर्यटक की ख्वाहिश होती है लेकिन वीरवार से नदी के जल स्तर को देखते हुए इस पर रोक लगा दी गई है। पर्यटन सीजन के दौरान रोक लगने से रिवर राफ्टिंग कारोबारी परेशान है।
रिवर राफ्टिंग कारोबारी सुरेश शर्मा ने बताया कि पर्यटन सीजन के दौरान रिवर राफ्टिंग पर रोक लगने से घाटा होगा। पर्यटकों की सुरक्षा भी जरूरी है। राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा पर ध्यान रखा जाता है। अभी पर्यटन सीजन के तीन सप्ताह बाकी हैं। ऐसे में अगर जल्द रोक नहीं हटती तो गाइड समेत अन्य का वेतन का निकालना मुश्किल हो जाएगा। कहा कि तय सभी सुरक्षा मानकों को पूरा कर ही राफ्टिंग करवाई जाती है। इधर, जिला पर्यटन अधिकारी बीसी नेगी ने बताया कि ब्यास नदी पर होने वाली रिवर राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक लगाई है। आगामी आदेश तक रिवर राफ्टिंग पूरी तरह से बंद रहेगी। नियमों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
रासयन, बवेली और पिरडी में होती है रॉफ्टिंग
मंडी-कुल्लू-मनाली सड़क पर झीड़ी से लेकर रायसन तक कई जगहों पर रिवर रॉफ्टिंग होती है। रायसन, बवेली, पिरड़ी और भुंतर में रिवर राफ्टिंग करवाई जाती है। ब्यास की जलधारा में अठखेलियां करने के लिए पर्यटक बेहद उत्सुक रहते हैं। लेकिन अब रिवर राफ्टिंग पर रोक लग गई है।