कुल्लू। मनाली के रोहतांग से निकलने वाली ब्यास नदी की स्वच्छता पर एनजीटी कड़ी नजर रख रही है। एनजीटी ने ब्यास के साथ इसकी सहयोगी नदियों को साफ-सुथरा रखने के आदेश दिए हैं। ब्यास पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन ने स्पेशल इन्वायरमेंट सर्विलांस टास्क फोर्स का गठन भी किया है।
एनजीटी के आदेशों को अब प्रशासन सख्ती से पालन करने की तैयारी में है। इसके लिए मनाली से लेकर बजौरा तक ब्यास नदी पर रिवर राफ्टिंग से गश्त की जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि ब्यास नदी में कहां से गंदगी घुल रही है। इसमें ब्यास के किनारे बसे सभी शहरों के होटल, गेस्ट हाउस, रिहायशी मकानों के साथ अन्य व्यवसायिक गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। हालांकि इससे पहले हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ब्यास नदी की ड्रोन के जरिए मेपिंग की है। अब इसके बाद एक ओर नई कवायद शुरू की जा रही है। ब्यास नदी की निगरानी को बनाई स्पेशल इन्वायरमेंट सर्विलांस टास्क फोर्स के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि अब रिवर राफ्टिंग से ब्यास नदी में गश्त होगी। इसमें मनाली से लेकर बजौरा तक सभी होटल, गेस्ट हाउस, रिहायशी मकान व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की गश्त की जाएगी। एनजीटी के नियमों के खिलाफ ब्यास नदी को प्रदूषित करने वाले प्रतिष्ठान सील किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और एनजीटी के आदेशों का सख्ती से पालन होगा।
इन शहरों पर रहेगी विशेष नजर
कुल्लू। ब्यास नदी को गंदगी से बचाने के लिए रिवर राफ्टिंग के जरिए मनाली से लेकर बजौरा तक गश्त होगी। गश्त टीम खासकर मनाली शहर, पतलीकूहल, रायसन, बबेली, अखाड़ा बाजार, कुल्लू शहर, बदाह, मौहल, शमशी, भुंतर, पारला भुंतर, बजौरा, ज्वाणी रोपा पर विशेष रूप से नजर रखेगी।