अमर उजाला ब्यूरो
सैंज (कुल्लू)। टेंडर होने के बावजूद सैंज घाटी की सिउंड-न्यूली सड़क पर टारिंग का काम एक साल से बंद पड़ा है। पिछले साल सड़क पर टारिंग करने के लिए टेंडर हुआ है। लेकिन अभी तक यह काम नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने मामले को लेकर विभाग व एचपीपीसीएल को अवगत करवाया। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया। इस पर अब ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने परियोजना पर सड़क की अनदेखी का आरोप लगाया है।
सड़क पर टारिंग न होने पर जिप अध्यक्ष रोहिणी चौधरी की अगुवाई में जनप्रतिनिधियों ने धरना प्रदर्शन भी किया था और एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने लिखित रूप में आश्वासन दिया था कि जल्द ही सड़क पर टारिंग का काम शुरू किया जाएगा। लेकिन सैंज घाटी की पांच पंचायतों की 20 हजार आबादी को धूल, मिट्टी के साथ गड्ढों को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। इन दिनों बरसात के कारण सड़क पर सफर और भी खतरनाक हो गया है। जगह-जगह सड़क गड्ढों में तबदील हो गई है। ग्रामीण शेर सिंह, दूनी चंद, राजेश कुमार, गिरधारी लाल, मनोज कुमार, लाल दास, शमशेर सिंह, राजकुमार, रंजीत सिंह, डोला सिंह, उत्तम राम, लोतम राम, दिले राम, संजय कुमार, भाग सिंह, रमेश कुमार, रोशन लाल, रामलाल आदि का कहना है कि उपरोक्त सड़क बरसात के कारण खस्ताहाल है। इस सड़क पर वाहनों को ले जाना खतरे से खाली नहीं है। कुछ समय पहले सड़क पर दो तीन किलोमीटर में टारिंग की गई थी वह भी एक माह में उखड़ गई थी। सैंज घाटी की पांच पंचायतों के साथ यह सड़क ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को भी जोड़ती है। यहां कई पर्यटक स्थल है और देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। लेकिन सड़क खस्ताहाल होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक सड़क पर टारिंग नहीं होती है तब तक सड़क पर पड़े गड्ढों को भरा जाए। इधर, एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने बताया कि इस संबंध में परियोजना प्रबंधन से बात हुई है। जल्द टारिंग कार्य शुरू होगा।