कुल्लू। जिला की दुर्गम पंचायत शिल्ही राजगिरी के हाई स्कूल चेष्टा में जातीय भेदभाव का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना 20 से अधिक बच्चे मिड डे मील ग्रहण नहीं कर रहे हैं। हालांकि, इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। मंगलवार को करीब 22 बच्चों ने मिड डे मील ग्रहण नहीं किया।
बच्चों को मिड डे मील के लिए रोल नंबर वाइज बिठाया गया, लेकिन इस बीच कई कारण बताते हुए 22 बच्चों ने भोजन नहीं किया। इस मामले में जातीय भेदभाव को पूर्ण रूप से खत्म करने के लिए प्रशासन, स्कूल प्रबंधन व शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन गया है। मामले में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। मामला शांत करने के लिए सभी चीजें सामान्य दर्शाई जा रही हैं। जबकि धरातल स्तर पर सब कुछ सामान्य नहीं है। जागरूक करने के बावजूद यह स्थिति बरकरार है। देशभर में यह मामला उछलने के बाद प्रशासन ने क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट को मौके पर भेजा था और बच्चों को भी जागरूक किया था।
इधर, हाई स्कूल चेष्टा के कार्यकारी मुख्याध्यापक प्रेम चंद ने बताया कि मंगलवार को करीब 22 बच्चों ने भोजन ग्रहण नहीं किया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक कुलवंत पठानिया ने बताया कि स्कूल में बच्चे सामान्य तौर पर भोजन ग्रहण कर रहे हैं।