कुल्लू। जिला की दुर्गम पंचायत शिल्ही राजगिरी के हाई स्कूल चेष्टा में जातीय भेदभाव अभी भी जारी है। पीएम के लाइव प्रसारण मामले में मैजिस्ट्रेट जांच के बाद कार्रवाई अमल पर लाई गई है, लेकिन मिड डे मील के दौरान पेश आ रहे जातिगत भेदभाव को मिटाने के लिए प्रशासन समेत स्कूल प्रबंधन के हाथ खड़े हो गए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा लाइव प्रसारण में जातीय भेदभाव के बाद मिड डे मील में जातिवाद का कहर जारी है। मिड डे मील पर रोल नंबर वाइज बिठाने की व्यवस्था के बाद सवर्ण जाति के अधिकतर बच्चे खाना नहीं खा रहे हैं। बुधवार को स्कूल के किसी भी सवर्ण जाति से संबंध रखने वाले बच्चों ने दोपहर का भोजन ग्रहण नहीं किया। यह मामला अब प्रशासन समेत स्कूल प्रबंधन के लिए आफत बन गया है।
बुधवार को स्कूल के कुल 30 बच्चों ने ही मिड डे मील खाया। स्कूल प्रबंधन की ओर से मिड डे मील में रोल नंबर वाइज बैठने की घोषणा के बाद स्कूल के कुछ बच्चों ने खाना खाने से इंकार कर दिया। ऐसे में अब मिड डे मील के दौरान जातीय भेदभाव खुलकर सामने आ रहा है। स्कूल अध्यापक भी मामले में कुछ नहीं कर पा रहे हैं और स्कूल में जातीय भेदभाव जारी है। ऐसे में एक जाति विशेष के बच्चों में हीन भावना उत्पन्न हो रही है।
इधर, चेष्टा हाई स्कूल के कार्यकारी मुख्य अध्यापक प्रेम चंद ने कहा कि बुधवार को कुछ बच्चों ने मिड डे मील खाने से मनाकर दिया। केवल 30 बच्चों ने ही मिड डे मील ग्रहण किया है। इधर, डीसी युनूस ने कहा कि बच्चों को जागरूक करने के लिए क्लीनिकल मनोचिकित्सक समेत विभाग की टीम स्कूल को भेजी जा रही है। यह टीम बच्चों की काउंसलिंग करेगी।