केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल-स्पीति कांग्रेस कमेटी ने सात कांग्रेस नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित किया है। जिला कांग्रेस को इसकी अनुमति प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दी। जिला कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता अनिल सहगल ने कहा कि 22 दिसंबर को शिमला में प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता हुई कांग्रेस की समीक्षा बैठक में भीतरघातियों पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को ही निष्कासन पर फैसला लेने की अनुमति दी गई।
इसी के चलते जिला लाहौल-स्पीति कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञाल्सन ठाकुर ने फिलहाल पार्टी के सात नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित किया है। जिनका विस चुनावों में पार्टी विरोधी काम करने में मुख्य हाथ रहा है। सहगल ने कहा कि निष्कासित नेताओं में पूर्व युकां अध्यक्ष एवं आजाद उम्मीदवार राजेंद कारपा, पूर्व विधायक रघुवीर सिंह सिंह ठाकुर, पूर्व जिला अध्यक्ष रपतन बोध, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक ठाकुर, पूर्व यूथ अध्यक्ष सुरेश कारदो, पूर्व टीएसी सदस्य छेरिंग तंदुप और पूर्व टीएसी सदस्य ध्यान सिंह शामिल है। पार्टी अध्यक्ष द्वारा इन नेताओं के निष्कासन की अनुमोदन की प्रस्ताव की प्रतिलिपि प्रदेश पार्टी अध्यक्ष और प्रदेश युकां अध्यक्ष को भेज दी है। अध्यक्ष ज्ञाल्सन ठाकुर ने कहा कि कमेटी ने 10 नवंबर 2017 को केलांग में हुई पार्टी बैठक के दौरान बूथ कार्यकर्ताओं द्वारा मिली शिकायत के आधार पर पहले ही भीतरघातियों के नाम की सूची प्रदेश कांग्रेस को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में फिलहाल उन लोगों को बाहर किया गया जिन पर पार्टी की जिम्मेवारी ज्यादा थी और पार्टी के खिलाफ मुख्य भूमिका में थे। ज्ञाल्सन ठाकुर ने कहा कि पीसीसी अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह साफ तौर पर कह दिया है कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं होगी और उसी आदेश का अनुपालन करते हुए कमेटी ने भीतरघातियों पर कार्रवाई की है। जिला में कांग्रेस आपसी अंदरूनी अनुशासनहीनता के कारण हारी है और बीजेपी ने इसका पूरा लाभ ले कर सत्ता हासिल की है।