कुल्लू। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष यूनुस ने सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारियों को बरसात के मौसम में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून सीजन में किसी भी तरह की आपदा, दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राधिकरण ने विशेष प्रबंध किए हैं। जिला में किसी भी तरह की आपदा की सूचना टॉल फ्री नंबर 1077 पर दी जा सकती है।
उपायुक्त ने बताया कि नदी-नालों के किनारे 67 चेतावनी बोर्ड लगाए जा चुके हैं। इनके अलावा 100 अन्य बोर्ड भी लगाए जाएंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ब्यास के किनारे गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। वन विभाग को वशिष्ठ, वन विहार मनाली और रायसन के पास नदी किनारे तार बाड़ लगाने के लिए कहा गया है, जिससे कोई भी पर्यटक नदी में न उतर सके। बरसात में जलजनित रोगों के पनपने की आशंका अधिक रहती है। इसलिए आईपीएच विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी विशेष एहतियात बरतें तथा जलस्रोतों की नियमित जांच करें और पानी के सैंपल लेते रहें। कृषि, बागवानी और पशुपालन से संबंधित नुकसान की रिपोर्ट भी जल्द तैयार की जानी चाहिए। भारी बारिश से अवरुद्ध होने वाली सड़कों और पेयाजल योजनाओं को बहाल करने के लिए संबंधित विभाग मशीनरी और लेबर हर समय तैयार रखें। इस मौके पर एडीसी राकेश शर्मा, एसडीएम मनाली एचआर बेरवा, एसडीएम कुल्लू रोहित राठौर, एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज, सहायक आयुक्त डॉ. अमित गुलेरिया, होमगार्ड के कमांडेंट निहाल सिंह, डीएसपी शिव चौधरी, आईपीएच के एसई देवेश भारद्वाज, सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र, उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक जगदीश और अन्य मौजूद रहे।
गंदे पानी की सप्लाई पर निजी स्कूल पर होगी कार्रवाई
बैठक में डीसी ने निर्देश दिए कि सभी शिक्षण संस्थानों में पानी की टंकियों और मिड डे मील की सफाई का ध्यान रखा जाना चाहिए। एक निजी स्कूल में गंदे पानी की सप्लाई का कड़ा नोटिस लेते उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों इस स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उक्त स्कूल में गंदे पानी के सप्लाई के चलते बच्चों में पीलिया फैल गया था।