अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। रक्षा मंत्रालय ने निर्माणाधीन रोहतांग टनल से आम लोगों की आवाजाही को हरी झंडी दे दी है। अब नॉर्थ पोर्टल तक सड़क बहाल होते ही टनल होकर लोगों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। दशकों बाद घाटी में हुई रिकॉर्ड बर्फबारी के कारण इस बार रोहतांग दर्रा के देर से खुलने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा चुनाव को देखते हुए लोगों की आवाजाही में कोई दिक्कत न आए, इसलिए रक्षा मंत्रालय ने रोहतांग टनल होकर आवाजाही को अपनी मंजूरी दे दी है।
कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा के आग्रह पर रक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष भामरे ने आवाजाही को मंजूरी दी है। मारकंडा ने रक्षा राज्य मंत्री के समक्ष लाहौल-स्पीति की वस्तुस्थिति रखी। रोहतांग दर्रा बहाल होने तक टनल होकर लोगों की आवाजाही की पैरवी की। लोकसभा चुनाव और बर्फबारी के बीच फंसे लोगों की मजबूरियों को मद्देनजर रखते हुए मंत्रालय ने दर्रा बहाल होने तक टनल से लोगों की आवाजाही को मंजूरी प्रदान की है। रोहतांग दर्रा बहाल होने के बाद टनल होकर आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। कृषि मंत्री मारकंडा ने कहा कि इससे पहले मनाली-सरचू मार्ग को रोहतांग टनल के नार्थ पोर्टल तक जल्द खोलने के रक्षा मंत्रालय ने आदेश दिए हैं। बताया कि राज्य सरकार ने हालांकि लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए पवन हंस के साथ सेना के दो हेलीकॉप्टर तैनात किए थे। लेकिन खराब मौसम के कारण बीच में नियमित उड़ानें नहीं हो पाई। कहा कि अभी भी सैकड़ों लोगों को रोहतांग के आरपार करवाया जाना है। टनल से आवाजाही शुरू होने से हेलीकॉप्टर की जरूरत नहीं रहेगी। बताया कि रक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष भामरे और उप गृह मंत्री किरण रिजजू को जून माह में लाहौल-स्पीति आने का निमंत्रण दिया है, जिसे उन्होंने स्वीकार किया है।