कुल्लू/जरी। बर्फबारी के बाद अब भूस्खलन पर्यटकों और घाटी के लोगों के लिए आफत बन गया है। भूस्खलन के कारण भुंतर-मणिकर्ण सड़क दस घंटे बंद रही। शरनी नाम स्थान पर पहाड़ी दरकने से सड़क पर विशालकाय चट्टानें गिर गईं, जिससे वाहनों की आवाजाही थम गई।
चट्टानें गिरने से एक मकान भी बाल-बाल बच गया है। इससे स्थानीय लोगों रात को सो नहीं पाए। जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब तीन बजे शरनी के पास भारी भूस्खलन हुआ। मलबे के साथ बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरी और सड़क अवरुद्ध हो गई। सड़क बंद होने से मणिकर्ण, कसोल से वापस जाने वाले पर्यटक यहां फंस गए और उन्हें घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा दोनों तरफ से करीब एक दर्जन से अधिक बसें भी खड़ी हो गई थी। इसमें छह से सात बसें सुबह के समय मणिकर्ण से जाने वाली थी और इतनी ही बसें मणिकर्ण और अन्य रूटों की बसें फंसी रही। हादसे की सूचना स्थानीय लोगों ने लोनिवि जरी को दी और मौके पर एसडीओ पहुंचे। विभाग ने मशीनरी का तैनात कर सड़क बहाली का काम शुरू किया। लेकिन चट्टानों को हटाने में अधिक समय लग गया और दोपहर करीब एक बजे सड़क को अस्थायी रूप से यातायात के लिए बहाल कर दिया है। इसके बाद सैकड़ों सवारियों ने राहत की सांस ली। सड़क बहाल होने तक दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इसमें एचआरटीसी समेत अन्य रोडवेज बसें शामिल रही। उधर, लोक निर्माण जरी के सहायक अभियंता दुष्यंत ने कहा कि सड़क रात करीब तीन बजे से बंद हो गई थी। इसे बुधवार दोपहर करीब एक बजे अस्थायी रूप से खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क में पड़ी चट्टानों को हटाने में विभाग को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सर्दी के दिनों में जिला में बर्फबारी के साथ मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी रहा। कुल्लू में भूस्खलन के साथ पहाड़ भी दरक रहे हैं। जिला के कुल्लू-मनाली हाईवे-21, कुल्लू-मनाली वामतट, कुल्लू-लगवैली, भुंतर-मणिकर्ण, लारजी-सैंज तथा औट-बंजार हाईवे 305 पर खतरा अधिक हो गया है।