सेब बगीचों की प्रूनिंग और तौलिए बनाने में जुटे बागवान
घाटी में फलदार पौधों के रखरखाव का कार्य जोरों पर
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूली (कुल्लू)। घाटी के बागवान इन दिनों सेब बगीचों के रखरखाव में जुट गए हैं। बगीचों में प्रूनिंग और तौलिए बनाने का कार्य जोरों पर है। बागवान सेब, नाशपाती और पलम के बगीचों में प्रूनिंग का कार्य निपटा रहे हैं।
बागवान चमन राणा, तापेराम चौहान, रामकृष्ण, घनश्याम ठाकुर, हेमराज पालसरा, डूर सिंह, पूर्ण चंद, जैसी राम, लोतम राम, यान सिंह, भगत सिंह, चुनी लाल, सुरेंद्र ठाकुर, किशोरी लाल, युगल किशोर, पीतांबर चौहान, राजकुमार, राजेश राणा और भाग सिंह ने कहा कि जब तक बारिश और बर्फबारी नहीं होती है, तब तक बगीचों को संवारने का काम जारी रहेगा, ताकि अगले वर्ष सेब की अच्छी फसल आए। प्रूनिंग के लिए विशेषज्ञ लगाए गए हैं। बागवानी विभाग के डॉ. आरके ठाकुर ने कहा कि बागवान आजकल सेब, नाशपाती, पलम की प्रूनिंग कर सकते हैं। बागवानों के लिए यह अच्छा रहेगा। सेब के पेड़ों में जो कैंकर लगती है, उसके लिए अलसी का तेल ब्लाई टोक्स मिला कर उसका लेप बनाकर पौधे में जख्म वाले स्थान पर लगाएं। इससे घाव जल्दी भर जाता है। बागवान समय पर बगीचों में खाद और गोबर डालें। सेब के पौधों में बीमारी आदि समस्या को लेकर विभाग के संपर्क किया जा सकता है।