अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में बिना बर्फबारी के एक बार फिर एचआरटीसी बस के पहिये थम गए हैं। रविवार को प्रशासन ने खराब मौसम का हवाला देते हुए घाटी से बाहरी जिलों को जाने वाली निगम की बस सेवा को रोक दिया है। ऐसे में लाहौल-स्पीति के लोगों को टैक्सियों का भारी भरकम किराया देकर सफर करना पड़ा। हालांकि टक और छोटे वाहनों को दर्रे से जाने दिया।
रविवार को रोहतांग दर्रे पर एचआरटीसी की बसों की आवाजाही रोक दी गई। लिहाजा बसों की आवाजाही थम जाने के बाद क्षेत्र के लोगों की दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। जिला भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं वारपा पंचायत के प्रधान सतप्रकाश ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि रोहतांग दर्रे पर रविवार को मौसम इतना भी खराब नहीं था कि उस रास्ते पर बसों को नहीं भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि अधिकारिक तौर पर रोहतांग दर्रे को 15 नवंबर से बंद किया जाना है। प्रशासन ने दर्रे पर 11 नवंबर से ही एचआरटीसी की बसों की सेवा को बंद कर दिया है, जो सरकार व प्रशासन का सही कदम नहीं है। लोगों को मजबूरन टैक्सियों में सफर करना पड़ रहा है। कहा कि रोहतांग दर्रे पर एचआरटीसी बसों की सेवा को बंद करने से लोगों को टैक्सियों में प्रति यात्री 800 रुपये तक किराया चुकाना पड़ रहा है। कहा कि रोहतांग दर्रे में बर्फबारी के दौर तक एचआरटीसी की बस सेवा को बहाल रखना चाहिए। उधर, एचआरटीसी आरएम मंगल चंद मनेपा ने कहा कि मौसम का मिजाज और दिशानिर्देश के बाद रविवार को लाहौल-कुल्लू के बीच बसों की आवाजाही नहीं हो पाई।