अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। स्पेशल जज दो जिया लाल आजाद की अदालत ने शुक्रवार को चरस तस्करी के आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल कठोर कारावास सजा का फैसला सुनाया। कोर्ट ने एक लाख रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए हैं। जुुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। दोषी को वर्ष 2016 में कसोल के पास दो किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था।
जानकारी के अनुसार 28 अप्रैल 2016 को हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह अन्य पुलिस जवानों के साथ कसोल से रशोल के बीच रास्ते पर छनाल बेहड़ में शाम सवा छह बजे नाके पर थे। इस बीच एक व्यक्ति रशोल से पैदल आता हुआ दिखाई दिया। उसके साथ ही सामान था। पुलिस को देखकर व्यक्ति ने हाथ में पकड़ा हुआ सामान एक चीड़ के पेड़ के पीछे छुपा दिया। पूछताछ में उसने अपना नाम टपे राम पुत्र तोता राम निवासी रशोल डाकघर कसोल, जिला कुल्लू बताया। पूछताछ में आरोपी ने छुपाए गए सामान के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिया। तलाशी के दौरान कैरी बैग से दो किलो चरस बरामद की गई। जांच और सभी प्रकार की औपचारिकताएं पूरी होने पर कोर्ट में चालान पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें व गवाहों के बयान सुनने के बाद कोर्ट ने व्यक्ति को दोषी करार दिया और दस साल कठोर कारावास व एक लाख रुपये जुर्माने के आदेश दिए। उधर, उप जिला न्यायवादी पंकज धीमान ने कोर्ट से दोषी को सजा का फैसला सुनाने की पुष्टि की। कहा कि मामले में 13 गवाह पेश किए गए।