हिमखंड गिरने से सड़क बहाली में दिक्कत
उदयपुर-तिंगरेट मार्गपर गिरे विशालकाय हिमखंडों को हटाने हो रहा मुश्किल
पिछले चार महीनों से शेष दुनिया से कटी है मयाड़ घाटी
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। उदयपुर-तिंगरेट सड़क पर गिरे विशालकाय हिमखंडों को हटाने में लोनिवि के पसीने छूट गए हैं। 26 किमी लंबे मार्ग पर करीब 14 जगहों पर हिमखंड गिरे हैं। हालांकि मयाड़ घाटी में अभी भी हिमखंडों का गिरना जारी है, जिससे डोजर और जेसीबी ऑपरेटरों को हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
दो पंचायतों वाली दुर्गम घाटी में मतदान तक सड़क खोलना विभाग के लिए चुनौती बना है। मयाड़ घाटी फिलहाल शेष दुनिया से कटी हुई है। पिछले दो महीनों से यहां दूरसंचार सेवा भी बंद है। लोनिवि चिनाव डिवीजन के अधिशासी अभियंता बीसी नेगी ने बताया कि विभाग के सहायक अभियंता केडी कश्यप की देखरेख में मयाड़ घाटी में बर्फ हटाने का अभियान जारी है। बताया कि 26 किमी के दायरे में करीब 14 स्थानों पर 30 से 50 फीट ऊंचे हिमखंड गिरे हैं। हिमखंड गिरने के कारण एक से तीन किमी के दायरे में सड़क बर्फ के नीचे ढकी है। बर्फ हटाने के दौरान पहाड़ों से हिमखंडों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। बताया कि इस अभियान में एक डोजर और एक जेसीबी के साथ पांच फील्ड कर्मियों को तैनात गया है। मयाड़ वैली में दो पंचायतों के लगभग 24 गांव आते हैं, जो पिछले चार महीनों से दुनिया से पूरी तरह कटे हुए हैं। बीसी नेगी ने बताया कि विभाग पट्टन और तोद वेली के अन्य संपर्क मार्गों को बहाल करने के लिए प्रयासरत है।