विपत्ति के समय कुल्लूवासियों को फिर याद आए अटल
1995 में बाढ़ के समय जायजा लेने कुल्लू पहुंचे थे पूर्व पीएम, लोगों को बंधाई थी हिम्मत
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। कुल्लूवासियों को एक बार फिर विपत्ति के समय पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी याद आ गए। 4 सितंबर 1995 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कुल्लू में आई बाढ़ से तबाही का मुआयना लेने पहुंचे थे। उन्होंने उस वक्त लोगों के साथ दुख की घड़ी में हौसला दिया था। उस समय भी मनाली से लेकर कुल्लू तक ब्यास ने तबाही मचाई थी।
हिमाचल में कोई भी संकट आ जाता था तो अटल इसे दूर करने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। कुल्लू से तो उनका भावनात्मक रिश्ता था। पूर्व विधायक चंद्रसेन ठाकुर बताते हैं कि 1995 में अटल ने खुद कुल्लू आकर नुकसान का मुआयना किया था। उन्होंने कहा कि कुल्लू-मनाली के लोगों से प्रगाढ़ प्रेम और स्नेह उनको हमेशा खींच लाता था। आज फिर विपत्ति के समय कुल्लूवासियों को अटल की याद आ रही है। एक बार फिर से 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश के कारण ब्यास के रौद्र रूप ने भारी नुकसान कुल्लू मनाली में किया है। सड़कें टूटने से मनाली पूरी तरह से कट चुका है। रोड को बहाल करने में प्रशासन युद्ध स्तर लगा हुआ है। स्वयं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने लोगों के बीच जाकर इस विपत्ति में साथ देकर साहसिक कार्य किया है। वहीं, उपायुक्त यूनुस और पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने भी लोगों के बीच में जाकर बचाव कार्य को और गति देने में अहम भूमिका निभाई है। लोगों में चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का भी कुल्लू से गहरा रिश्ता है। उनकी बुआ का घर भी गांधीनगर में है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि काबीना मंत्री भी कुल्लू में आ कर लोगों से रूबरू जरूर होंगे और केंद्रीय मंत्री के कोटे से भी नुकसान की भरपाई के लिए धन मुहैया करवाएंगे।