ब्यास के बहाव सेे ढह गई पिरड़ी कूड़ा संयंत्र की दीवार
नदी में बह रहे कचरे से प्रदूषित होने लगी ब्यास की धारा
कूड़ा संयंत्र को बदलने के लिए बल्ह पंचायत और वन अधिकार समिति का धरना जारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/भुंतर/मौहल। तबाही बन आए ब्यास के बहाव ने विवादित पिरड़ी कूड़ा संयंत्र को भी नुकसान पहुंचाया है। कूड़ा संयंत्र की चहारदीवारी 35 फुट तक बह गई है। इस कारण यहां रखा गया कूड़ा भी ब्यास नदी में बहने लगा है। जिससे ब्यास प्रदूषित होने लगी है।
ग्राम पंचायत बल्ह निवासी चुनी ठाकुर, टिकम ठाकुर, जोगिंद्र सिंह, अशोक कुमार और जीवन ठाकुर ने कहा कि दीवार टूटने से यहां रखा गया कूड़ा ब्यास नदी में बहने लगा है। वन अधिकार समिति के अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह ने कहा कि कूड़ा संयंत्र की दीवार टूटने के बाद बह रही गंदगी से उठाऊ सिंचाई योजना से तैयार को रहीं बंदगोभी, फूलगोभी, करेला और खीरा आदि सब्जियों के अलावा अनार, प्लम और नाशपाती पर खासा असर पड़ेगा। जो आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पिरड़ी संयंत्र को बदलने के लिए क्षेत्र के लोगों का धरना वीरवार को भी जारी रहा है। उधर, भुंतर के अजय कुमार, अजय महंत, दीप कुमार, युवराज पठानिया, आशीष कौशल, प्रवीन कुमार, रविंद्र कुमार, राजेंद्र पाल, किशोरी लाल, अनिल कुमार और विक्रांत ने कहा कि कूड़ा संयंत्र के बंद होने से शहर में जहां तहां गंदगी बिखर गई है। उचित डंपिंग जगह न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय में यही हाल है और कूड़े के ढेर लगे होने से शहरवासी परेशान हैं। नगर परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने कहा कि कूड़ा संयंत्र की करीब 35 फुट दीवार ब्यास नदी में आई बाढ़ की जद में आने से ढह गई है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद मामले को लेकर कोर्ट गई है।