मनाली (कुल्लू)। रविवार शाम से मनाली समेत उझी घाटी में बारिश और सोमवार सुबह से हिमपात होने पर किसान और बागवान गदगद हैं। पिछले दो माह से घाटी में बारिश और बर्फबारी न होने के चलते घाटी में भारी सूखे स्थिति पैदा हो गई थी। जिससे आगामी सेब की फसल और खेतों में बिजी गई फसलों व सब्जियों पर सूखे की मार पड़ गई थी। अब बारिश व बर्फ गिरने पर बागवानों व किसानों को उम्मीदें बंद गई हैं।
घाटी के प्रगतिशील बागवान भागवत काईस्था, प्रकाश राठी, वेद व्यास, तीर्थ राम वर्मा ने बताया कि यह बारिश और बर्फबारी किसान बागवानों के लिए वरदान से कम नहीं है। खेतों और बगीचों में गिरी बारिश व बर्फ अब संजीवनी की तरफ होगी। अश्विन, कार्तिक और मार्गशीष में सरसों, जौ, गेहूं और सब्जियां सूखे के चलते बेहद निचले स्तर पर पहुंच गई थी। अब बारिश व बर्फबारी से राहत की उम्मीद है। बागवान ईश्वर दत्त ठाकुर, गोविंद शर्मा, हेमराज शर्मा और रोशन ठाकुर ने बताया कि बारिश और बर्फबारी न होने से सेब, पलम, खुरमानी, नाशपाती, आडू की फसल पर भी सूखे की मार पड़ रही थी। चिलिंग आवर्स पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। अब इस बर्फबारी के बाद बागवानों ने राहत की सांस ली है। सेब के पौधों के लिए चिलिंग आवर्स भी पूरे नहीं हुए हैं। जिसके लिए अभी कम तापमान की भारी जरूरत है। इस बर्फबारी ने बागवानों की चिंताएं काफी हद तक कम कर दी हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी बर्फबारी का दौर जारी रहेगा।