कुल्लू।
जिला मुख्यालय कुल्लू और मनाली के होटलों पर अब प्रदूषण बोर्ड ने शिकंजा कस दिया है। बोर्ड ने कुल्लू-मनाली के 40 से अधिक होटल मालिकों को कारण बताओ नोटिस थमाए हैं। होटल संचालकों को 15 दिन में जवाब देना होगा। जवाब न देने पर बोर्ड इन होटलों के बिजली और पानी के कनेक्शन काट सकता है। बोर्ड द्वारा कसे गए शिकंजे से होटल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
एनजीटी के आदेश के बाद पर्यटन विभाग, टीसीपी व प्रदूषण बोर्ड मनाली के होटलों की जांच कर रहे हैं और होटल दर होटल जाकर अपने दस्तावेजों से होटलों के कागजों का मिलान कर रहे हैं। निरीक्षण में होटलों में कई तरह की खामियां पाई जा रही हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच करने पर पाया है कि मनाली के इन होटलों में प्रदूषण को लेकर नियमों की अनदेखी बरती जा रही है। इससे पहले भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुल्लू-मनाली के 72 होटलों के बिजली कनेक्शन काटे दिए थे।
अब बोर्ड दूसरे चरण में 25 कमरों से कम संख्या वाले कमरों की जांच कर रहा है, जिसकी संख्या कुल्लू-मनाली में करीब 500 है। यह होटल पर्यटन विभाग से पंजीकृत हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कुल्लू के सहायक अभियंता प्रदीप मोदगिल ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के तहत बोर्ड ने यह नोटिस थमाया है। 30 जनवरी को पर्यटन विभाग ने कुल्लू-मनाली के 31 होटलों पर 1.65 लाख रुपये का जुर्माना किया है।
1700 होटलों के निरीक्षण को समिति गठित
एनजीटी ने कुल्लू-मनाली के 1700 होटलों, होम स्टे तथा लॉज का निरीक्षण करने के लिए समिति गठित है, जो कि नियमित रूप से होटलों में आवश्यक दस्तावेज समेत अन्य चीजों को जांच परख रही है। खामियां होने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है।