मनाली में विंटर कार्निवाल पर निकाली गई झांकी में कुल्लू के पारंपरिक व्यंजन बनाती महिलाएं।
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मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली में राष्ट्रीय विंटर कार्निवाल का दायरा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। कार्निवाल को बेहद रोचक बनाने में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। विंटर कार्निवाल के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की तरफ एक बड़ी पहल हो रही है। विंटर कार्निवल में ग्रामीण महिलाएं अपने घरों की चार दिवारी से बाहर निकल कर रंगमंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
यही कारण है कि विंटर कार्निवाल में पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की भागीदारी अधिक है। मनाली क्षेत्र की सौ से अधिक महिलाएं पिछले चार दिनों से कार्निवाल में अपनी प्रस्तुतियां पेश कर पुरातन संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। पारंपरिक कुल्लवी पट्टू और सोने चांदी के आभूषणों को पहनकर महिलाएं कुल्लवी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
कार्निवाल के चलते मनाली के मॉल रोड में तिल धरने की भी जगह नहीं है। वहीं खराब मौसम होने पर भी मनाली में तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री नीचे लुढ़क गया। प्रचंड ठंड के बावजूद यह महिलाएं मंच पर डटी हुई हैं। भुवनेश्वरी महिला मंडल सदस्य यशवंती देवी, कृष्णा शर्मा तथा महिला मंडल मनाली की युवा नेगी ने बताया कि कार्निवाल में प्रस्तुतियां देने के लिए ग्रामीण महिलाएं घर का कामकाज छोड़ कर मनाली आई हैं। कार्निवाल के जरिए वह अपनी पुरातन संस्कृति और परंपराओं को दुनिया के सामने लाने की कोशिश कर रही हैं। रस्साकशी के जरिए महिलाएं शारीरिक क्षमता का भी प्रदर्शन कर रही हैं। विंटर क्वीन प्रतियोगिता कार्निवाल का मुख्य आकर्षण है। ग्रामीण महिलाएं कार्निवाल में मंच संचालन में भी किसी से कम नही हैं।