बंजार उपमंडल की ग्राम पंचायत चनौन के तहत आने वाले राजकीय प्राथमिक पाठशाला शलेरा में तीन दिन से पेयजल सप्लाई नहीं की जा रही है। आईपीएच के नल सूखे पड़े हैं। बच्चों के लिए आधा किलोमीटर से अधिक दूरी से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। शिकायत के बावजूद पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।
स्कूल प्रबंधन समिति की मासिक बैठक में अध्यक्ष चंद्रमणि, सदस्य नरोत्तम सिंह, यशवंत सिंह, बीना देवी, रजनी देवी, गंगा देवी, भीमा देवी समेत ललित चौहान ने इस विषय पर सभी अभिभावकों के साथ चर्चा कर हल खोजने की कोशिश की है। इस पर अध्यक्ष चंद्रमणि और उनकी टीम का कहना है कि चनौन स्कूल को पानी की सप्लाई ठीक ढंग से मिल रही है तो शलेरा स्कूल के लिए सप्लाई क्यों नहीं हो रही है? स्कूल में जलवाहक का पद वर्षों से खाली पड़ा है।
अभिभावकों का कहना है कि लिखित शिकायत के बावजूद समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। कुछ शरारती तत्व बीच में लाइन को खोल कर पानी का दुरुपयोग कर स्कूली बच्चों को पानी से वंचित कर रहे हैं। अभिभावकों ने चेताया है कि यदि स्कूल में ऐसा ही हाल रहा तो बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाएगा। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में 99 प्रतिशत बच्चे दलित हैं। ऐसे में उनके साथ यह भेदभाव किया जा रहा है। एसएमसी ने प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।
इधर, आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता बंजार एमएस धामी का कहना है कि जल्द कर्मचारी को रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज का कहना है कि इस विषय को लेकर आईपएच विभाग से बात की जाएगी और जल्द पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि पेयजल आपूर्ति के लिए निर्देश दिए जाएंगे।